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नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम: 2025 में ऐतिहासिक सफलता, मार्च 2026 तक पूर्ण समाप्ति का लक्ष्य
दंतेवाड़ा : नक्सल विरोधी अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025 पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष सिद्ध हुआ है। इस अवधि में कुल 272 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिन पर कुल 2 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसके विपरीत वर्ष 2024 में 234 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिन पर कुल 90 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आंकड़े यह दर्शाते हैं कि अब नक्सली संगठन के उच्च एवं प्रभावी कैडर भी मुख्यधारा में लौट रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु उनके बैंक खाते खोले गए, कौशल विकास प्रशिक्षण, राशन कार्ड एवं बस पास जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
वहीं, वर्ष 2025 में UAPA एवं अन्य गंभीर मामलों में 35 नक्सलियों की गिरफ्तारी की गई, जिन पर कुल 17 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि अलग-अलग मुठभेड़ों में 4 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज किया गया। इन अभियानों में DRG दंतेवाड़ा ने CRPF सहित अन्य केंद्रीय बलों के साथ संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से ऑपरेशन ब्लैकफॉरेस्ट सहित विभिन्न कार्रवाइयों के दौरान प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) के शीर्ष कैडर जैसे बसवराजू एवं गौतम को न्यूट्रलाइज करने में सुरक्षा बलों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को प्रधानमंत्री गैलेंट्री मेडल (PMG), केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक, छत्तीसगढ़ शौर्य पदक तथा आउट ऑफ टर्न प्रमोशन से सम्मानित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने का प्रभाव अपराध आंकड़ों में भी दिखाई दिया, जहां गंभीर अपराधों में लगभग 7 प्रतिशत, अन्य अपराधों में 8.8 प्रतिशत तथा चोरी की घटनाओं में 14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि कुल 397 अपराधियों को जेल भेजा गया।
इसके अतिरिक्त, पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जांच दक्षता में वृद्धि हुई है। साइबर अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 13 मामलों में 24 आरोपियों को देश के विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया, जो वर्ष 2024 की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है। गिरफ्तार सभी आरोपियों के फिंगरप्रिंट NAFIS प्रणाली में दर्ज किए गए हैं।
वर्ष 2026 के लिए पुलिस द्वारा स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिनमें मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद का पूर्ण उन्मूलन, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता एवं त्वरित कार्रवाई, तथा DIAL-112 सेवा का प्रभावी क्रियान्वयन प्रमुख रूप से शामिल हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
