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रेल यातायात को बड़ी राहत: हथबंध–बैकुंठ के बीच चौथी रेल लाइन को मंजूरी
बिलासपुर। बिलासपुर–रायपुर–नागपुर मुख्य रेल मार्ग पर रेल यात्रियों और माल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण राहत की खबर है। हथबंध एवं बैकुंठ स्टेशनों के मध्य 17.24 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन के निर्माण को रेलवे बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर लगभग 274 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह रेल खंड देश के अत्यंत व्यस्त मुंबई–हावड़ा हाई डेंसिटी नेटवर्क का प्रमुख हिस्सा है। वर्तमान में इस मार्ग पर ट्रेनों का दबाव अत्यधिक है और लाइन क्षमता का उपयोग लगभग 158 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। चौथी रेल लाइन के निर्माण से इस व्यस्त मार्ग पर रेल संचालन को उल्लेखनीय राहत मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों और माल परिवहन को होगा लाभ
नई रेल लाइन के शुरू होने से यात्री ट्रेनों एवं मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होगी। ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा और विलंब की समस्या में कमी आएगी। इसके साथ ही ऊर्जा, खनिज, सीमेंट एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े माल परिवहन को भी गति मिलेगी।
परियोजना को मिल चुकी है सभी आवश्यक स्वीकृतियां
इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को मूल्यांकन समिति की अनुशंसा के बाद रेलवे बोर्ड के संबंधित विभागों से मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, उद्योगों के विस्तार को बल मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना को शीघ्र प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है। कुल मिलाकर, हथबंध–बैकुंठ चौथी रेल लाइन परियोजना को छत्तीसगढ़ सहित देश की रेल अवसंरचना के लिए एक महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
