महादेव सट्टा ऐप घोटाले से जुड़ी बड़ी साजिश: पूर्व सरकार के करीबी पर 500 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
रायपुर। पूर्ववर्ती सरकार के करीबी माने जाने वाले के के श्रीवास्तव के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (Income Tax Department) की जांच में हड़कंप मच गया है। अधिवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने आयकर विभाग के प्रधान निदेशक जांच (PDIT) को लिखित शिकायत की है। शिकायत में आरोप लगाया है कि केके श्रीवास्तव और उनकी पत्नी कंचन श्रीवास्तव ने मिलकर 500 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की है। इस पूरे गोरखधंधे का सीधा संबंध चर्चित महादेव ऐप सट्टेबाजी घोटाले से बताया जा रहा है। यह खबर सामने आते ही छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल आ गया है।
सत्ता के करीब रहकर रची 500 करोड़ की साजिश
शिकायत में बताया गया है कि केके श्रीवास्तव पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेहद करीबी थे। आरोप है कि वह पिछली सरकार के कार्यकाल में पर्दे के पीछे से सारे संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों को अंजाम देते थे। वह महादेव ऐप घोटाले के अलावा कोयला लेवी घोटाले में भी शामिल थे।
टेंडर दिलाने के नाम पर 15 करोड़ की ठगी
इस पूरे जालसाजी की शुरुआत अजय कुमार नाम के व्यवसायी से हुई। अजय कुमार ने 500 करोड़ रुपये का सरकारी टेंडर दिलाने के आश्वासन पर केके श्रीवास्तव और उनकी पत्नी को 15 करोड़ रुपये दिए। हालांकि, अजय कुमार को न टेंडर मिला और न ही उनका पैसा। दबाव बनाने पर श्रीवास्तव ने 3.4 करोड़ रुपये तो लौटा दिए, लेकिन अजय कुमार को 11.6 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ।जांच में सामने आया है कि केके श्रीवास्तव ने फंड ट्रांसफर के लिए अजय कुमार को 5 संदिग्ध खातों का विवरण दिया था।
5 शेल खातों से 500 करोड़ का मनी ट्रेल
शिकायतकर्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने अपनी शिकायत में पांच ऐसे बैंक खातों का ब्योरा दिया है, जो कथित तौर पर शेल अकाउंट (फर्जी कंपनियां) हैं। ये सभी खाते 2022 में खुले और नवंबर 2023 तक बंद कर दिए गए थे। इन खातों में लेन-देन का ब्योरा चौंकाने वाला है:
शेल कंपनी का नाम | बैंक और खाता संख्या | संदिग्ध लेन देन की राशि
- एन.एस. एंटरप्राइजेज आईसीआईसीआई बैंक खाता , 116.74 करोड़ रुपये
- आर.एच. एंटरप्राइजेज , आईडीएफसी बैंक खाता 36 करोड़ रुपये ,
- सुहाना एंटरप्राइजेज , आईसीआईसीआई बैंक खाता 113.72 करोड़ रुपये
- एरोजेट एंटरप्राइजेज , आईडीएफसी बैंक खाता 163 करोड़ रुपये
- डीपी ओशन एंटरप्राइजेज ,यस बैंक खाता 12 करोड़ रुपये
जांच में पता चला है कि अकेले इन 5 खातों में कुल संदिग्ध मनी ट्रेल लगभग 441 करोड़ रुपये से अधिक है।
महादेव ऐप कनेक्शन: पैसे विदेश भेजे गए
सबसे बड़ा खुलासा एरोजेट एंटरप्राइजेज खाते से हुआ है। इसमें अजय रावत ने 5 करोड़ रुपये डाले थे। जांच सूत्रों के मुताबिक, इस खाते से भारी रकम भारत से बाहर भेजी गई है। इस खाते का संबंध मैजेस्टिक ट्रेडिंग एंड सर्विसेज से जुड़ा है, जिसका विलय 'मैजेस्टिक कमर्शियल्स' में हो गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि मैजेस्टिक कमर्शियल्स ने महादेव बेटिंग ऐप में निवेश किया था और इसके निदेशक को पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। यह बात कन्फर्म हो जाती है कि अवैध धन को सरकारी तंत्र में सफेद करने की कोशिश की जा रही थी।
अधिवक्ता गुप्ता ने अपनी शिकायत में मांग की है कि इन खातों की गंभीरता से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यह घोटाला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत आता है। इसके अलावा, लेन-देन में भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा का आदान-प्रदान (remittance) शामिल है, जो विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का भी घोर उल्लंघन है।
सूत्रों का कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह देश के सबसे बड़े मनी लॉन्ड्रिंग घोटालों में से एक हो सकता है।शिकायत के साथ रायपुर में दर्ज एफआईआर नंबर 525/24 की कॉपी भी संलग्न की गई है।
