रायपुर प्रेस क्लब चुनाव में प्रतिष्ठा की जंग 13 जनवरी को डलेंगे वोट 37 धुरंधर मैदान में

रायपुर। राजधानी के पत्रकारों की सबसे बड़ी संस्था रायपुर प्रेस क्लब के चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। आगामी 13 जनवरी को शहर के पत्रकार अपनी नई सरकार चुनेंगे। सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक प्रेस क्लब परिसर में ही वोट डाले जाएंगे और सबसे खास बात यह है कि वोटिंग खत्म होते ही शाम को ही हार-जीत का फैसला भी हो जाएगा। इस बार चुनाव को लेकर पत्रकारों में जबरदस्त उत्साह है क्योंकि मामला सिर्फ पद का नहीं बल्कि साख का भी है।

38 ने भरा था पर्चा एक ने खींचे कदम अब 37 के बीच कड़ा मुकाबला

चुनावी प्रक्रिया के तहत 6 से 8 जनवरी के बीच नामांकन भरे गए थे। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक अध्यक्ष उपाध्यक्ष महासचिव संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के 5 अहम पदों के लिए कुल 38 लोगों ने दावेदारी पेश की थी। शनिवार को नाम वापसी के आखिरी दिन संयुक्त सचिव पद के एक उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया। अब मैदान में कुल 37 प्रत्याशी बचे हैं जो एक-एक वोट के लिए मतदाताओं के घर और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

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विवादों से पुराना नाता इस बार साख बचाने की चुनौती

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रायपुर प्रेस क्लब का इतिहास जितना पुराना है उतना ही इसका नाता विवादों से भी रहा है। पिछले कुछ सालों में मतदाता सूची को लेकर जमकर खींचतान हुई थी जिसकी गूंज कोर्ट तक भी पहुंची थी। इस बार भी निर्वाचन अधिकारियों के पास मतदाता सूची को लेकर 114 आपत्तियां आई थीं जिनका निपटारा करने के बाद 5 जनवरी को फाइनल लिस्ट जारी की गई। जानकारों का कहना है कि गुटबाजी के कारण इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प और कांटे का होने वाला है।

निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब देखना होगा कि रायपुर के पत्रकार साथी इस बार किसे अपना सिरमौर चुनते हैं और कौन इस चुनावी दंगल में पटखनी खाता है।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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