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छत्तीसगढ़, हाईकोर्ट
प्रदेश की खस्ताहाल,बदहाल सड़कें… आए दिन हो रहे हादसे… हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी दुर्घटना की वास्तविक रिपोर्ट पूछा… सड़क निर्माण में देरी की वजह क्या…
छत्तीसगढ़, हाईकोर्टप्रदेश की खस्ताहाल,बदहाल सड़कें… आए दिन हो रहे हादसे… हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी दुर्घटना की वास्तविक रिपोर्ट पूछा… सड़क निर्माण में देरी की वजह क्या… प्रदेश की बदहाल सड़कों पर, न्यायमित्रों ने हाईकोर्ट का ध्यान आकर्षित कराया.. बिलासपुर : छत्तीसगढ़ राज्य की सड़कों के मामले में सड़कों पर गढ्ढे और राजमार्ग पर आवागमन […]

छत्तीसगढ़, हाईकोर्ट
प्रदेश की खस्ताहाल,बदहाल सड़कें… आए दिन हो रहे हादसे… हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी दुर्घटना की वास्तविक रिपोर्ट पूछा… सड़क निर्माण में देरी की वजह क्या…
प्रदेश की बदहाल सड़कों पर, न्यायमित्रों ने हाईकोर्ट का ध्यान आकर्षित कराया..
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ राज्य की सड़कों के मामले में सड़कों पर गढ्ढे और राजमार्ग पर आवागमन की बदहाल व्यवस्था की ओर हाईकोर्ट का ध्यान आकर्षित कराया गया। न्यायमित्रों ने कोर्ट के समक्ष सेंदरी चौक पर 10 सितंबर को हुए बस और हाइवा भिड़ंत का मुद्दा मजबूती से उठाया। उन्होंने बताया कि उस हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 3 व्यक्ति घायल हो गए तथा आए दिन यहां दुर्घटना होते रहती हैं। इसलिए यहां अंडरपास का निर्माण होना चाहिए। साथ ही यह भी बताया कि नवरात्रि पर्व में रोज हजारों श्रद्धालु मां महामाया के दर्शन करने जाते हैं । मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने न्यायमित्रो को दुर्घटनाओं के वास्तविक आंकड़े रिपोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान ही न्यायमित्रों ने खराब रोड के वीडियो भी दिखाए। कोर्ट ने कोरबा के सर्वमंगला से इमलीछापर रोड के संबंध में तुरंत क्या कार्रवाई की जा सकती है, इसकी जानकारी राज्य सरकार को देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 19 नवम्बर को तय की गई है। उसमें सभी खराब सड़कों के निर्माण की स्थिति बताने का आदेश कोर्ट ने दिया है। चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी, जस्टिस दीपक तिवारी की डिवीजन बेंच में न्यायमित्र राजीव श्रीवास्तव, प्रतीक शर्मा एवं सालसा के अधिवक्ता आशुतोष कछवाहा ने प्रकरण में पक्ष रखा। कोरबा की खराब सड़कों की जानकारी वकील सिद्धार्थ दुबे ने दी।
पिछली सुनवाई में घरघोड़ा से कुनकुरी मार्ग के संबंध में भी रिपोर्ट प्रस्तुत करने न्यायालय ने राज्य सरकार को आदेश दिया था। परंतु रिपोर्ट में राज्य सरकार ने बताया कि टेंडर्स करके वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं जिसमे कुछ दूरी की सड़क 2022 में कुछ 2024 में और कुछ 2025 में बनेगी, जिस पर न्याय मित्रों ने आपत्ति उठाई। उन्होंने कहा कि बदहाल सड़कों के कारण उक्त क्षेत्र में चलना मुश्किल है। आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। इस पर न्यायालय ने अगली सुनवाई में सड़क निर्माण में देरी की वजह बताने कहा है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
