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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले एक बार फिर एक्शन मोड़ में आईटी-ईडी,टेंट कारोबारी के ठिकानो में आईटी,कलेक्शन मैनेजर अरविन्द शुक्ला पर ED की नजर,40 करोड़ की नेटवर्किंग में केंद्रीय एजेंसियों ने कसा शिकंजा
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले एक बार फिर एक्शन मोड़ में आईटी-ईडी,टेंट कारोबारी के ठिकानो में आईटी,कलेक्शन मैनेजर अरविन्द शुक्ला पर ED की नजर,40 करोड़ की नेटवर्किंग में केंद्रीय एजेंसियों ने कसा शिकंजा रायपुर : रायपुर में आईटी की रेड से एक बार फिर हड़कंप है। शंकर नगर स्थित अशोका रतन में […]

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले एक बार फिर एक्शन मोड़ में आईटी-ईडी,टेंट कारोबारी के ठिकानो में आईटी,कलेक्शन मैनेजर अरविन्द शुक्ला पर ED की नजर,40 करोड़ की नेटवर्किंग में केंद्रीय एजेंसियों ने कसा शिकंजा
रायपुर : रायपुर में आईटी की रेड से एक बार फिर हड़कंप है। शंकर नगर स्थित अशोका रतन में एक कारोबारी के फ्लैट में आईटी ने दबिश दी है। बताया जाता है कि परमजीत- रिशु होरा के यहां आयकर विभाग की टीम ने दबिश दी है। बताते है कि दर्जन भर से ज्यादा अफसर जांच पड़ताल में जुटे है। आज जारी रेड से उन लोगो में खलबली मच गई है,जो कई सरकारी और गैर सरकारी कार्यो को सेटिंग और कच्चे में कर सरकार को चूना लगा रहे थे। इस कड़ी में कई टेंट कारोबारियों के आयकर रिटर्न और ब्लैक मनी की पड़ताल जारी है।

बताते है कि टेंट कारोबारी होरा कई होटलों,शादी ब्याह,सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में आयोजित होने वाले समारोह का बड़ा ठेका भी लिया करते थे। उनके फ्लैट से आय-व्यय संबंधी कई दस्तावेजो के बरामद होने खबर आ रही है।

उधर,रिशु होरा के ठिकानो में हुई रेड के बाद टेंट कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि प्रदेश में कई डेकोरेटर और टेंट कारोबारी कच्चे में कारोबार कर रहे है। दरअसल,बड़े ठेकेदार आयोजको से कच्चे-पक्के में रकम लेकर पेटी कॉन्ट्रैक्ट और अन्य कार्यो के लिए नगदी में भुगतान करने के बावजूद नियमानुसार हिसाब-किताब का लेखा-जोखा आयकर को नहीं सौंपते,इस तरह से बड़े पैमाने पर चल रहे कारोबार पर आईटी की नजर है।

बताते है कि राज्य में इस माह एक बड़ा राजनैतिक जलसा भी हो रहा है। इसके लिए रायपुर की दर्जनों छोटी-बड़ी होटलो,रिसोर्ट और भवन पहले से ही बुक कर दिए गए है। हजारो की संख्यां में वाहनों की भी बुकिंग हुई है। सूत्र बताते है कि इस आयोजन में लगभग 40 करोड़ की लागत आ रही है। बताते है कि नियमानुसार कारोबार और टैक्स की अदायगी को लेकर केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट मोड़ पर है।
यह भी बताया जा रहा है कि विभिन्न आयोजनों की बागडोर किसी टुटेजा नामक साहब के कंधो पर है। लिहाजा रायपुर में उद्योग विभाग से सटे एक आहाते में टुटेजा ने परवीन शुक्ला नामक किसी मैनेजर को बिठा दिया है।

बताते है कि उसे कलेक्शन की कमान सौंप दी गई है। परवीन को टुटेजा का पुराना विश्वासपात्र मुलाजिम भी बताया जाता है। बताते है कि शुरूआती दौर में साहब के आँगन में परवीन ने खूब खेला-कूदा लेकिन सत्ता की चाबी हाथ लगते ही सुपर सीएम सौम्या चौरसिया ने उसे खदेड़ दिया था। लेकिन अब समीकरण बदल चुके है।
बताते है कि सौम्या चौरसिया के जेल की हवा खाने के बाद टुटेजा साहब ने परवीन की खोजबीन के लिए दिन-रात एक कर दिया था। इसके बाद पुराने मुलाजिम के हाथ लगते ही एक आहाते में परवीन का ठिकाना बना दिया गया है। अब वो टुटेजा की कृपा से उद्योग धंधो और कारोबार से लेकर प्रजातंत्र के यज्ञ में नोट रूपी आहुतियां डालने के लिए लोगो को प्रेरित कर रहा है। बताते है कि जनता के धन को सरकारी तिजोरी में पहुंचाने के लिए ED इन दिनों राज्य में कमर कसे हुए है।माना जा रहा है कि आईटी की तर्ज पर ईडी भी नजराना पेश कर सकती है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
