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वाह एडिशनल एसपी साहब! रक्षक ही बन गए भक्षक, स्पा संचालक ने वीडियो बनाकर खोल दी वसूली की पोल
बिलासपुर। न्यायधानी में कानून के रखवाले ही अब वसूली के खेल में खिलाड़ी बन बैठे हैं। शहर के सिविल लाइन इलाके में एक पंजीकृत स्पा संचालक से अवैध वसूली का ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस महकमे की साख पर बट्टा लगा दिया है। बिलासपुर के पूर्व एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल पर आरोप लगा है कि उन्होंने स्पा संचालक को न केवल डराया और धमकाया बल्कि उनसे मोटी रकम की मांग भी की। मामला तब गरमा गया जब स्पा संचालक ने एडिशनल एसपी का स्टिंग ऑपरेशन कर दिया और अब उसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

वर्दी की धौंस और व्हाट्सएप कॉल से मांग रहे थे हिस्सा
शिकायतकर्ता लोकेश सेन ने बिलासपुर आईजी से शिकायत की है कि उनका स्पा पूरी तरह कानूनी रूप से रजिस्टर्ड है। इसके बावजूद सिविल लाइन थाने के कुछ पुलिसकर्मी चेकिंग के नाम पर बार-बार आकर मानसिक दबाव बनाते थे और हर महीने पैसे की मांग करते थे। जब संचालक ने पैसे देने से मना किया तो कर्मचारियों और ग्राहकों के सामने उसे बेइज्जत किया जाने लगा। तंग आकर संचालक ने पूर्व एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल से बात की तो साहब खुद ही वसूली पर उतर आए। संचालक ने व्हाट्सएप कॉलिंग के स्क्रीनशॉट और स्टिंग वीडियो भी साझा किए हैं जिसमें साहब की सौदेबाजी साफ नजर आ रही है।
चेकिंग के नाम पर बदनामी और डराने का गंदा खेल
वीडियो में दिख रहा है कि कैसे कानून की कुर्सी पर बैठा एक बड़ा अफसर एक कारोबारी को अपनी उंगलियों पर नचाने की कोशिश कर रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस वालों ने चेकिंग शब्द को वसूली का नया नाम दे दिया है। रोज-रोज की इस प्रताड़ना से उसका बिजनेस चौपट हो गया और प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा है। अब पीड़ित ने आईजी से गुहार लगाई है कि वर्दी की आड़ में दुकान चलाने वाले इन पुलिसवालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि आम आदमी का भरोसा पुलिस पर बना रहे।

अब जांच के नाम पर होगी खानापूर्ति या गिरेगी गाज
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सवाल यह है कि अगर जिले का एडिशनल एसपी स्तर का अधिकारी ही ऐसे कामों में शामिल होगा तो छोटे पुलिसकर्मियों को कौन रोकेगा। आईजी बिलासपुर ने मामले की जांच की बात कही है लेकिन शहर में चर्चा है कि क्या बड़े साहब पर हाथ डाला जाएगा या फिर फाइलों में मामले को दबा दिया जाएगा। फिलहाल वायरल वीडियो और व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट ने पूरे शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
डिस्क्लेमर: वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की सत्यता की पुष्टि हम (नेशनल जगत विजन) नहीं करते हैं। खबर में शामिल वीडियो और स्क्रीनशॉट शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दावों पर आधारित हैं। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
