Google AI Threat Defense: साइबर अटैक रोकने के लिए गूगल का नया AI टूल, जानिए कैसे करता है काम
Google ने बढ़ते साइबर खतरों और AI आधारित हैकिंग को देखते हुए अपना नया साइबर सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म Google AI Threat Defense पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह AI-पावर्ड सिक्योरिटी सिस्टम संगठनों को साइबर हमलों का पहले से पता लगाने और बड़े नुकसान से बचाने में मदद करेगा।
गूगल के मुताबिक, AI Threat Defense एक ऐसा स्मार्ट सिक्योरिटी सॉल्यूशन है जो लगातार संभावित खतरों की निगरानी करता है और हमलावरों के एक्टिव होने से पहले ही जरूरी कार्रवाई करने में मदद करता है। यह सिस्टम अटैक पाथ का अनुमान लगाने, सबसे खतरनाक कमजोरियों की पहचान करने और तेजी से सुरक्षा उपाय लागू करने में सक्षम बताया गया है।
Anthropic और OpenAI भी इससे पहले AI आधारित साइबर सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म लॉन्च कर चुके हैं। Anthropic ने Claude Mythos और OpenAI ने GPT-5.5 आधारित Daybreak प्लेटफॉर्म पेश किया था। हालांकि गूगल का कहना है कि मौजूदा AI सिक्योरिटी सिस्टम की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे सिक्योरिटी टीमों पर हजारों AI-जनरेटेड अलर्ट का बोझ डाल देते हैं, जिनमें हर अलर्ट वास्तविक खतरा नहीं होता।
गूगल का नया सिस्टम इस समस्या को कम करने के लिए कोड स्कैनिंग को Wiz जैसे क्लाउड सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट करता है। इसके जरिए यह जांच की जाती है कि कोई कमजोरी वास्तव में इंटरनेट से एक्सेस की जा सकती है या नहीं। अगर कोई गंभीर कमी पूरी तरह अलग-थलग सिस्टम में मौजूद है और उसका गलत इस्तेमाल संभव नहीं है, तो प्लेटफॉर्म उसकी प्राथमिकता कम कर देता है।
कंपनी का कहना है कि इससे डेवलपर्स और सिक्योरिटी टीमें सिर्फ उन्हीं एक्टिव खतरों पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगी, जिनका फायदा साइबर अपराधी वास्तव में उठा सकते हैं। माना जा रहा है कि AI आधारित साइबर हमलों के दौर में ऐसे स्मार्ट सिक्योरिटी टूल्स आने वाले समय में कंपनियों के लिए बेहद जरूरी साबित हो सकते हैं।
