AI Data Centres बढ़ा रहे हैं धरती का तापमान, 34 करोड़ लोगों पर पड़ रहा असर

AI Data Centres बढ़ा रहे हैं धरती का तापमान, 34 करोड़ लोगों पर पड़ रहा असर

पिछले कुछ सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स के बढ़ने से कंपनियों ने दुनिया भर में बड़े-बड़े डेटा सेंटर बनाए हैं. एक स्टडी के मुताबिक, बहुत ज्यादा पानी और बिजली खर्च करने के अलावा, ये डेटा सेंटर ‘हीट आइलैंड’ भी बना रहे हैं, जिससे उनके आस-पास की जमीन औसतन दो डिग्री सेल्सियस गर्म हो रही है. इससे 34 करोड़ (340 मिलियन) से ज्यादा लोगों की जिंदगी और गर्म हो रही है.

स्टडी में बताया गया है कि AI डेटा सेंटर के ऑपरेशन शुरू होने के बाद जमीन की सतह का टेम्परेचर औसतन 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है, जिससे लोकल माइक्रोक्लाइमेट जोन बनते हैं, जिसे डेटा हीट आइलैंड इफ़ेक्ट कहते हैं. स्टडी में ये भी बताया गया है कि बहुत मामलों में, यह बढ़ोतरी 9 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में अर्थ ऑब्ज़र्वेशन ग्रुप की एसोसिएट प्रोफेसर और स्टडी की लेखक एंड्रिया मैरिनोनी ने बताया कि उन्होंने 6000 से ज्यादा डेटा सेंटर पर फोकस किया.

तापमान में बढ़ोतरी पूरी दुनिया में एक जैसी थी और इसका असर सिर्फ़ डेटा सेंटर के आस-पास तक ही सीमित नहीं था. रिसर्च में पाया गया कि इन AI डेटा सेंटर्स की वजह से तापमान बढ़ने से 9.9 km (6.2 मील) दूर तक के इलाकों पर असर पड़ा, जिससे 340 मिलियन से ज्यादा लोग प्रभावित हुए.

Read More ₹16,999 में OnePlus का नया स्मार्टफोन लॉन्च, 7,000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले से लैस

AI कर रहा पानी का इस्तेमाल
एआई डेटा सेंटर ऐसे कूलिंग सिस्टम पर निर्भर करते हैं जो लाखों लीटर पानी इस्तेमाल कर सकते हैं, खासकर गर्म इलाकों में. इससे सस्टेनेबिलिटी पर सवाल उठे हैं, खासकर उन इलाकों में जो पहले से ही पानी की कमी का सामना कर रहे हैं.

Read More Oppo K14 Plus 5G की लॉन्च डेट का ऐलान, 8,000mAh बैटरी और 144Hz AMOLED डिस्प्ले के साथ आएगा फोन

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के साइंटिस्ट के अनुसार, हर 100 शब्दों के AI प्रॉम्प्ट में लगभग एक बोतल पानी (या 519 ml) लगता है. एनवायर्नमेंटल एंड एनर्जी स्टडी इंस्टीट्यूट (EESI) के अनुसार, मीडियम साइज के डेटा सेंटर कूलिंग के लिए हर साल लगभग 110 मिलियन गैलन पानी इस्तेमाल कर सकते हैं. लगभग 1000 घरों के सालाना पानी के इस्तेमाल के बराबर है. बड़े डेटा सेंटर हर दिन 5 मिलियन गैलन तक या सालाना लगभग 1.8 बिलियन पानी “पी” सकते हैं, जो 10,000 से 50,000 लोगों के इस्तेमाल के बराबर है.

Tags:

Latest News

शिक्षा मंत्री के गृह जिले में परीक्षा के बीच मौत बनकर गिरी छत, खतरे में पड़ी 50 बच्चों की जान, तीन घायल शिक्षा मंत्री के गृह जिले में परीक्षा के बीच मौत बनकर गिरी छत, खतरे में पड़ी 50 बच्चों की जान, तीन घायल
सियासी तीर...कुछ विधानसभा में थमा 'पवन' का झोंका, उड़े 'भावी माननीयों' के तोते
Smartphone Battery Tips: कुछ ही घंटों में खत्म हो रही फोन की बैटरी? ये सेटिंग्स बदलकर बढ़ाएं बैकअप
Weather Change Health Tips: सुबह उठते ही गला सूखना और खांसी क्यों होती है? बदलते मौसम में ऐसे रखें सेहत का ख्याल
October Rajyoga 2026: अक्टूबर में बनेंगे 4 बड़े शुभ योग, इन 4 राशियों के लिए खास रहेगा महीना
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों में बड़ा फेरबदल, प्रमुख निकायों-जिलों की कमान बदली देखे लिस्ट.....
सुबह-सुबह सिम्स की बदहाल व्यवस्था देख भड़के स्वास्थ्य मंत्री, फर्श उखड़ी मिली तो तत्काल मरम्मत के दिए निर्देश
बद्रीनाथ में ही क्यों होता है मां का पिंडदान ?
छत्तीसगढ़ में 19 नायब तहसीलदारों को मिला प्रमोशन, तहसीलदार पद पर हुई पदस्थापना
दोषमुक्त आरोपी का सामान राजसात करना गैरकानूनी, सत्र न्यायालय ने पलटा निचली अदालत का फैसला
6 हजार के कर्ज पर 18 हजार ब्याज की मांग, पति-पत्नी ने मिलकर युवक का गला काटा
22 हजार की रिश्वत लेते नान जिला प्रबंधक गिरफ्तार, एसीबी ने कार्यालय में दबोचा