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TVK Candidate List Out: पेरम्बूर और त्रिची से चुनाव लड़ेंगे विजय, सियासत में बढ़ी हलचल
नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। इस ऐलान के साथ ही राज्य की राजनीति में नई टक्कर की तस्वीर साफ नजर आने लगी है।
पार्टी प्रमुख विजय ने खुद चुनावी मैदान में उतरते हुए पेरम्बूर और त्रिची पूर्व सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। ये दोनों सीटें फिलहाल सत्तारूढ़ डीएमके के कब्जे में हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है। ऐसे में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं।
उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करते हुए विजय ने खुद को और अपनी टीम को “जनता का रक्षक” बताते हुए मतदाताओं से एक मौका देने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार आम पृष्ठभूमि से आते हैं और वे पारंपरिक राजनीति से अलग एक नई सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं।
विजय ने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके उम्मीदवारों के पास लूटपाट, अवैध खनन या पत्रकारों पर हमले का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे नेताओं पर भी सवाल उठाते हुए जनता से सोच-समझकर मतदान करने की अपील की।
इस चुनाव में सबसे दिलचस्प मुकाबला कोलातुर सीट पर देखने को मिलेगा, जहां टीवीके ने वीएस बाबू को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के खिलाफ मैदान में उतारा है। वहीं, चेपॉक सीट पर पार्टी ने सेल्वम को उतारकर उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को सीधी चुनौती दी है।
पार्टी ने अपने कई वरिष्ठ नेताओं और आंतरिक टीम के सदस्यों को भी चुनावी मैदान में उतारा है, जिनमें एन आनंद, अधाव अर्जुन, आर अरुणराज, सीटीआर निर्मल कुमार और केए सेंगोट्टैयान जैसे नाम शामिल हैं। इन्हें टी नगर, विल्लिवक्कम, गोबिचेट्टीपलायम और तिरुप्पारंकुंद्रम जैसी अहम सीटों पर टिकट दिया गया है।
विजय की इस रणनीति को राजनीतिक विश्लेषक तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति में बदलाव की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं, जहां एक नई पार्टी सीधे बड़े नेताओं को चुनौती देती नजर आ रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सिनेमा से राजनीति में आए विजय की लोकप्रियता क्या वोटों में तब्दील हो पाती है या फिर राज्य की स्थापित राजनीतिक ताकतें अपना दबदबा बरकरार रखती हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
