अहमदाबाद प्लेन क्रैश जांच में नया बवाल: मृत कैप्टन के रिश्तेदार को AAIB का समन, पायलट फेडरेशन भड़का
नई दिल्ली: एअर इंडिया फ्लाइट AI-171 के भयानक हादसे की जांच में नया विवाद खड़ा हो गया है। हादसे में शहीद हुए कैप्टन सुमीत सभरवाल के रिश्तेदार कैप्टन वरुण आनंद को एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने समन भेजा। इस कदम पर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने कड़ा विरोध जताया है। एअर इंडिया ने कैप्टन आनंद को सूचित किया कि उन्हें जांच के सिलसिले में बुलाया गया है, लेकिन फेडरेशन का कहना है कि ब्यूरो ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें क्यों समन भेजा गया।
फेडरेशन की आपत्ति
पायलट फेडरेशन ने कहा कि कैप्टन आनंद का फ्लाइट AI-171 से कोई सीधा संबंध नहीं है। वह न तो फ्लाइट प्लानिंग में शामिल थे, न ही क्रैश साइट पर मौजूद थे। न ही वह कोई फैक्चुअल, टेक्निकल या एक्सपर्ट विटनेस हैं।
फेडरेशन ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल इसलिए बुलाया गया क्योंकि वह कैप्टन सुमीत सभरवाल के रिश्तेदार हैं। उनका कहना है कि यह कार्रवाई पहले से तैयार नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिश हो सकती है, जिसमें क्रैश की जिम्मेदारी मृत फ्लाइट क्रू पर डाली जा सकती है।
जांच के नियमों का हवाला
फेडरेशन ने इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि परिवार के सदस्यों को बुलाना गैरकानूनी है। बावजूद इसके, कैप्टन आनंद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की सहमति जताई है।
हादसे का संक्षिप्त विवरण
यह दर्दनाक हादसा 12 जून को उस समय हुआ, जब अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के महज कुछ सेकंड बाद ही नियंत्रण खो बैठी। विमान पास स्थित मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल भवन से जा टकराया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
फ्लाइट में कुल 260 लोग सवार थे, जिनमें 242 यात्री और 18 क्रू मेंबर्स शामिल थे। इस भयावह दुर्घटना में 229 यात्रियों और 12 क्रू सदस्यों सहित कुल 241 लोगों की जान चली गई, जबकि सिर्फ एक यात्री चमत्कारिक रूप से जीवित बच पाया।
इस हादसे ने न केवल सैकड़ों परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया, बल्कि यह घटना भारतीय विमानन इतिहास की सबसे भयावह और दिल दहला देने वाली त्रासदियों में से एक के रूप में दर्ज हो गई है, जिसकी गूंज आज भी पूरे देश में महसूस की जा रही है।
