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Middle East Tension: कुवैत में अमेरिकी फाइटर जेट क्रैश का दावा, सऊदी की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला नाकाम, क्षेत्र में बढ़ा सैन्य तनाव
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कुवैत, सऊदी अरब और ईरान से जुड़ी कई बड़ी सैन्य घटनाएं सामने आई हैं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि देश में कई अमेरिकी लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए, जबकि सऊदी अरब ने अपनी प्रमुख तेल रिफाइनरी पर हुए ड्रोन हमले को नाकाम करने की पुष्टि की है। घटनाओं के बाद पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है।
कुवैत में कई अमेरिकी फाइटर जेट क्रैश, सभी क्रू सुरक्षित
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार सोमवार सुबह कई अमेरिकी वॉरप्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित बचा लिए गए। प्रवक्ता ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बचाए गए सैन्य कर्मियों को प्राथमिक स्वास्थ्य जांच और आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।
सऊदी अरब ने रास तनुरा ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया विफल
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि पूर्वी क्षेत्र दम्मम के पास स्थित रास तनुरा ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया था, जिसे एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते मार गिराया। सरकारी Saudi Press Agency के अनुसार, सीमा पार से आए संदिग्ध ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। यह रिफाइनरी प्रतिदिन आधे मिलियन बैरल से अधिक कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता रखती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी।
ईरान के परमाणु संयंत्र सुरक्षित: IAEA
अंतरराष्ट्रीय परमाणु निगरानी संस्था International Atomic Energy Agency (IAEA) ने स्पष्ट किया है कि हालिया सैन्य गतिविधियों के बावजूद ईरान के परमाणु संयंत्रों पर किसी प्रकार के रेडियोलॉजिकल प्रभाव या नुकसान के प्रमाण नहीं मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल से जुड़े हमलों के बाद भी ईरानी न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित बना हुआ है।
हिजबुल्लाह-इजरायल तनाव फिर बढ़ा
लेबनान स्थित संगठन हिजबुल्लाह द्वारा कथित रॉकेट हमले के बाद इजरायल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि जवाबी कार्रवाई के लिए “सभी विकल्प खुले हैं”, जिससे क्षेत्र में व्यापक सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ती अस्थिरता से वैश्विक चिंता
लगातार सैन्य घटनाओं, ड्रोन हमलों और जवाबी चेतावनियों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर दुनिया भर की निगाहें अब क्षेत्रीय घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
