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सीएसएमसीएल की बड़ी कार्रवाई: रक्षक सिक्योरिटी ब्लैकलिस्ट, 2.56 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त
रायपुर | छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) ने टेंडर शर्तों का उल्लंघन करने वाली एजेंसी रक्षक सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड पर कड़ा चाबुक चलाया है। निगम ने न केवल कंपनी का ठेका तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है, बल्कि उसकी 2,56,63,421 रुपए की बैंक गारंटी भी जब्त कर ली है। नियमों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितता के चलते कंपनी को अगले एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
शर्तों का उल्लंघन: काम लेकर दूसरी कंपनी को सौंपा
मामले का खुलासा तब हुआ जब जांच में यह पाया गया कि रक्षक सिक्योरिटीज ने जोन-6 (धमतरी, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा) में मैनपावर सप्लाई का काम खुद करने के बजाय 'सैटर्न ट्रांसमूवर्स प्राइवेट लिमिटेड' को सबलेट (उप-ठेका) कर दिया था। सीएसएमसीएल के टेंडर नियमों के भाग-III की शर्त क्रमांक 4 के अनुसार, कोई भी ठेकेदार किसी भी स्थिति में आवंटित कार्य को दूसरी फर्म को हस्तांतरित या सब-कॉन्ट्रैक्ट नहीं कर सकता।
जांच में यह भी सामने आया कि सैटर्न ट्रांसमूवर्स ने 16 अप्रैल 2024 को रक्षक सिक्योरिटी के खाते में 2.56 करोड़ रुपए जमा किए थे, जो वित्तीय साठगांठ की पुष्टि करता है।
बचेली शराब दुकान में 1.52 करोड़ का गबन
सिर्फ सबलेटिंग ही नहीं, बल्कि रक्षक सिक्योरिटीज के प्रबंधन वाली दुकानों में भारी वित्तीय भ्रष्टाचार भी पाया गया है।
- दंतेवाड़ा के बचेली स्थित शराब दुकान में ऑडिट के दौरान 1,52,47,774 रुपए की कमी पाई गई।
- जांच समिति के अनुसार, स्टॉक रजिस्टर और कैश का मिलान नहीं होने को गंभीर अपराध माना गया है।
- सर्वर में स्टॉक पूरा दिखाने के लिए होलोग्राम की पुरानी तस्वीरों का सहारा लिया जा रहा था, जिससे विभाग को करोड़ों का चूना लगा।
अब एफआईआर की तैयारी
सीएसएमसीएल के एमडी पी.एस. एल्मा ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर रक्षक सिक्योरिटीज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। एमडी ने स्पष्ट किया कि निविदा शर्तों का उल्लंघन और सरकारी धन का गबन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नियमों के विरुद्ध जाकर कार्य का हस्तांतरण करना और वित्तीय गबन करना गंभीर अपराध है। हमने बैंक गारंटी जब्त कर ली है और नई एजेंसी को काम सौंप दिया है ताकि जिलों में सेवाएं प्रभावित न हों।"
पी.एस. एल्मा, एमडी, सीएसएमसीएल
नई एजेंसी को कमान
बस्तर और सुकमा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की शराब दुकानों में मैनपावर की कमी न हो, इसके लिए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। रक्षक सिक्योरिटी का एमओयू 31 मार्च 2026 तक वैध था, जिसे अब समय से पहले ही समाप्त कर दिया गया है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
