AI समिट प्रदर्शन: शर्टलेस IYC कार्यकर्ताओं को कोर्ट से मिली जमानत

ai नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने यूथ कांग्रेस के 9 कार्यकर्ताओं को AI समिट के दौरान हुए प्रदर्शन के मामले में जमानत दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ताओं का विरोध राजनीतिक असहमति के दायरे में आता है, हिंसा या संगठित अपराध का मामला नहीं था।

जस्टिस रवि, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने कृष्ण हरि, नरसिम्हा यादव, कुंदन कुमार यादव, अजय कुमार सिंह, जितेंद्र सिंह यादव, राजा गुर्जर, अजय कुमार विमल उर्फ़ बंटू, सौरभ सिंह और अरबाज खान को रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह प्रदर्शन प्रतीकात्मक राजनीतिक आलोचना का हिस्सा था और कार्यकर्ताओं ने न तो संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और न ही किसी प्रतिनिधि या आम लोगों में दहशत फैलाने का प्रयास किया। सभी आरोपियों ने सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों के तहत शांतिपूर्वक बाहर निकलना सुनिश्चित किया।

कोर्ट ने यह भी कहा कि बिना जांच के लंबी हिरासत में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। जज ने पुलिस के तर्क को खारिज कर दिया कि यह जमानत केवल संभावित दोषसिद्धि के डर पर आधारित नहीं हो सकती। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि आरोपियों पर लगाए गए आपराधिक प्रावधानों में सात साल से अधिक की सजा का प्रावधान नहीं है।

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इस मामले में अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने उन पर सुरक्षा में सेंध लगाने और कथित राष्ट्र-विरोधी नारे लगाने का आरोप लगाया था।

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मामले की पृष्ठभूमि यह है कि 20 फरवरी को AI समिट के दौरान IYC के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरों वाली सफेद टी-शर्ट पहनी और हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। टी-शर्ट और पोस्टरों पर “India-US Trade Deal”, “Epstein Files” और “PM is Compromised” जैसे नारे लिखे थे।

प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा कर्मियों और पुलिस स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की भी की। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए। कोर्ट ने अब साफ कर दिया है कि इस तरह का प्रदर्शन राजनीतिक असहमति का हिस्सा है और कार्यकर्ताओं को उनके अधिकार के तहत जमानत दी जा सकती है।

यह फैसला राजनीतिक विरोध और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन को दर्शाता है और भविष्य में ऐसे मामलों के लिए नजीर साबित हो सकता है।

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