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मणिपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: मैतेई युवक की गोली मारकर हत्या, उग्रवादियों के सामने मांगता रहा जिंदगी की भीख
नई दिल्ली। मणिपुर से एक बार फिर बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। राज्य के चुराचांदपुर जिले में 28 वर्षीय मैतेई युवक मयांगलामबम ऋषिकांत सिंह की उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शी हालात के मुताबिक युवक अपनी जान की भीख मांगता रहा, लेकिन उग्रवादियों ने AK सीरीज की असॉल्ट राइफल से उसे मौत के घाट उतार दिया। इस निर्मम हत्या का एक वीडियो भी उग्रवादी समूह की ओर से जारी किया गया है। वीडियो में टेक्स्ट लिखा हुआ है, ‘कोई शांति नहीं, कोई लोकप्रिय सरकार नहीं’। हालांकि वीडियो में कोई ऑडियो नहीं है, लेकिन दृश्य बेहद भयावह हैं।
घुटनों के बल बैठा युवक, हाथ जोड़कर मांगता रहा जिंदगी
जारी वीडियो में रात के समय एक पहाड़ी इलाके में खुली जगह दिखाई देती है। युवक घुटनों के बल बैठा हुआ है और सामने खड़े लोगों के आगे हाथ जोड़कर अपनी जान की गुहार लगा रहा है। यह वारदात चुराचांदपुर जिले में हुई, जो राजधानी इंफाल से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित है।
नेपाल में करता था काम, छुट्टी पर लौटा था घर
ऋषिकांत सिंह घाटी के काकचिंग खुनौ इलाके का रहने वाला था और नेपाल में काम करता था। वह कुछ दिन की छुट्टी लेकर घर लौटा था। जानकारी के मुताबिक, उसकी पत्नी कुकी समुदाय से हैं। सूत्रों के अनुसार, सिंह की पत्नी ने कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) और उसके तुइबोंग जिला मुख्यालय से पति को कुछ दिनों के लिए मिलने की अनुमति मांगी थी, लेकिन संगठन की ओर से किसी भी तरह की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।
KNO ने झाड़ा पल्ला, हत्या में शामिल होने से किया इनकार
कुकी विद्रोही संगठनों की अंब्रेला बॉडी KNO ने इस घटना पर बयान जारी कर किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। संगठन ने कहा कि न तो उन्हें मयांगलामबम ऋषिकांत के दौरे की जानकारी थी और न ही वे इस हत्या में शामिल हैं। KNO ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी समुदाय के जीवनसाथी के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं करता।
गांव से मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार, ऋषिकांत सिंह का शव चुराचांदपुर जिले के एक गांव से बरामद किया गया। शव को सुबह करीब 1:30 बजे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। गौरतलब है कि मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा के बाद से कुकी और मैतेई समुदाय के लोग एक-दूसरे के इलाकों में नहीं जा रहे हैं। राज्य में बिगड़ते हालात को देखते हुए फरवरी 2025 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है, लेकिन इसके बावजूद हिंसक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
