- Hindi News
- राज्य
- ED की बड़ी कार्रवाई: अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापे, वित्तीय अनियमितताओं की जा...
ED की बड़ी कार्रवाई: अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़े ठिकानों पर छापे, वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी और उनसे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आज सुबह मुंबई में कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी की कई टीमें एक साथ अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई में करीब 10 से 12 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। इसमें रिलायंस पावर लिमिटेड और उससे जुड़े अधिकारियों व सहयोगियों के दफ्तरों और आवासीय परिसरों को जांच के दायरे में लिया गया है। बताया जा रहा है कि ED की करीब 15 विशेष जांच इकाइयों की टीम इस कार्रवाई में शामिल है, जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और फंड ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। हालांकि, इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई कंपनियों से जुड़े संदिग्ध फंड डायवर्जन और लेनदेन की जांच का हिस्सा मानी जा रही है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
फरवरी 2026 में ED ने अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान आवास ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से जब्त किया था। इस संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 3,500 करोड़ रुपये बताई जाती है। यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत की गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस केस में अब तक अंबानी समूह से जुड़ी 15,700 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
कथित लोन डायवर्जन की जांच
जांच एजेंसियों का आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने कई बैंकों से लिए गए कर्ज की रकम को अलग-अलग कंपनियों और विदेशी खातों में ट्रांसफर किया। इस मामले में एसबीआई और यस बैंक समेत कई वित्तीय संस्थानों का जिक्र सामने आया है। इसके अलावा चीनी सरकारी बैंकों से जुड़े करीब 13,558 करोड़ रुपये के एक्सपोजर की भी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच 2019 में सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे बढ़ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने एक विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया है, जो वित्तीय लेनदेन और फंड के प्रवाह की विस्तृत पड़ताल कर रहा है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
