पुणे में Wipro पर गंभीर आरोप: धर्मांतरण और उत्पीड़न शिकायत के बाद पुलिस जांच तेज, कंपनी को नोटिस
पुणे। पुणे के हिंजेवाड़ी स्थित Wipro कार्यालय से जुड़ा कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामला अब जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। एक पूर्व महिला कर्मचारी की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि नौकरी के दौरान उसके साथ धार्मिक आधार पर भेदभाव किया गया, उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। महिला ने यह भी दावा किया है कि लगातार दबाव और प्रतिकूल माहौल के कारण उसे नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। मामले में हिंजेवाड़ी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गई है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां नासिक के चर्चित TCS प्रकरण में गठित विशेष जांच दल (SIT) के अनुभव का भी अध्ययन कर सकती हैं। नासिक मामले में धार्मिक दबाव और उत्पीड़न से जुड़े आरोपों की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए थे। इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए पुणे पुलिस भी मामले की गहराई से जांच करने की तैयारी में है।
पुलिस अब शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों, ई-मेल रिकॉर्ड, आंतरिक शिकायतों और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल करेगी। जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल, Wipro की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस बीच पूरे प्रकरण ने आईटी सेक्टर में चर्चा और बहस को तेज कर दिया है।
