तमिलनाडु की सत्ता में विजय का बड़ा विस्तार: TVK के 21 विधायक बने मंत्री, 58 साल बाद कांग्रेस की सरकार में वापसी
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से उभरे सत्ता परिवर्तन के बीच मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने अपने मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार कर राजनीतिक समीकरणों को नया संदेश दिया है। चेन्नई में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के 21 और कांग्रेस के 2 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस विस्तार के साथ विजय सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है, जबकि राज्य मंत्रिमंडल में अधिकतम 35 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे विजय सरकार की स्थिरता और गठबंधन संतुलन को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।
हालांकि, सरकार को समर्थन दे रहे दो अहम सहयोगी दल Indian Union Muslim League और Viduthalai Chiruthaigal Katchi अभी मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बने हैं। दोनों दलों के लिए एक-एक पद आरक्षित रखा गया है, लेकिन अब तक उनके नाम तय नहीं हो सके हैं। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री विजय लगातार सहयोगी दलों को औपचारिक रूप से सरकार में शामिल होने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं। TVK नेतृत्व चाहता है कि आने वाले चरण में वाम दलों और VCK को भी सत्ता संरचना में भागीदारी दी जाए।
इस कैबिनेट विस्तार की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा कांग्रेस की वापसी को लेकर हो रही है। लगभग 58 वर्षों बाद कांग्रेस तमिलनाडु की सत्ता में सीधे भागीदार बनी है। कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन को मंत्री पद देकर विजय सरकार ने विपक्षी राजनीति को भी बड़ा संकेत दिया है। इससे पहले राज्य में कांग्रेस की आखिरी सरकार 1967 से पहले M. Bhakthavatsalam के नेतृत्व में थी। इसके बाद से द्रविड़ राजनीति के वर्चस्व में कांग्रेस लगातार सत्ता से बाहर रही।
मंत्रिमंडल में शामिल किए गए TVK विधायकों में कई युवा और पहली बार विधायक बने चेहरे शामिल हैं। विजय की टीम में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। पार्टी सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक सुधार, युवाओं के लिए रोजगार, खेल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बढ़ाया जाएगा। इसी वजह से मंत्रिमंडल में कई नए और अपेक्षाकृत कम चर्चित चेहरों को मौका दिया गया है।
तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्य की पारंपरिक राजनीतिक धारा में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अभिनेता से राजनेता बने विजय ने कुछ ही महीनों में अपनी पार्टी को सत्ता तक पहुंचाकर राज्य की राजनीति का केंद्र बदल दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि TVK सरकार अपने सहयोगियों को कैसे साधती है और क्या यह नया गठबंधन लंबे समय तक स्थिर रह पाएगा।
