जमीन-नौकरी घोटाले में लालू परिवार पर शिकंजा, तेजस्वी-तेज प्रताप समेत 46 आरोपित, 52 बरी

नई दिल्ली। जमीन के बदले नौकरी घोटाले में आरजेडी प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PMLA) और भारतीय दंड संहिता की धाराओं में आरोप तय कर दिए गए हैं। इस फैसले के साथ ही उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ भी मुकदमा चल सकेगा।

कौन-कौन हुए आरोपी और बरी
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने लालू यादव के परिवार के सदस्यों—राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव—के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए। अदालत ने कहा कि प्रारंभिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। इस मामले में कुल 103 आरोपी थे, जिनमें से पांच की मौत हो चुकी है। आज के फैसले में अदालत ने 98 आरोपियों में से 52 को बरी किया, जबकि लालू परिवार के सदस्य समेत 46 लोगों पर आरोप तय किए गए। आरोपितों में रेलवे अधिकारी और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारी भी शामिल हैं।

अदालत का निष्कर्ष
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला केवल अलग-अलग लेन-देन का नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक गतिविधि का उदाहरण है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लालू यादव और उनके परिवार ने एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया और उनके खिलाफ व्यापक साजिश और योजना बनाई गई। यह फैसला राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि इससे आरजेडी प्रमुख और उनके परिवार की छवि पर असर पड़ेगा।

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लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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