Zomato में सत्ता परिवर्तन: दीपिंदर गोयल ने छोड़ी ग्रुप CEO की कुर्सी, इस शख्स को मिली कमान

Zomato में सत्ता परिवर्तन: दीपिंदर गोयल ने छोड़ी ग्रुप CEO की कुर्सी, इस शख्स को मिली कमान

नई दिल्ली। ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी ज़ोमैटो में बड़ा लीडरशिप बदलाव सामने आया है। कंपनी के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने इटरनल (Zomato की पैरेंट कंपनी) के ग्रुप CEO पद से इस्तीफा दे दिया है। शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद यह फैसला प्रभावी हुआ, जिसके साथ ही अल्बिंदर ढींडसा को तत्काल प्रभाव से इटरनल का नया ग्रुप CEO नियुक्त किया गया है।

कंपनी ने इस अहम ऐलान के साथ मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे भी जारी किए हैं। एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग में इटरनल ने दीपिंदर गोयल के पद छोड़ने की वजह और नए नेतृत्व संरचना की जानकारी साझा की।

दीपिंदर गोयल ने क्यों छोड़ा ग्रुप CEO पद?
शेयरहोल्डर्स को लिखे अपने पत्र में दीपिंदर गोयल ने कहा, “आज मैं ग्रुप CEO का पद छोड़ रहा हूं और शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद वाइस चेयरमैन के रूप में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का हिस्सा बना रहूंगा। अल्बिंदर ढींडसा (एल्बी) अब इटरनल के नए ग्रुप CEO होंगे।”

Read More मैरिज ब्यूरो से हुई शादी बनी मुसीबत! 12 दिन बाद दुल्हन फरार, 4 लाख की ठगी का आरोप

दीपिंदर गोयल ने स्पष्ट किया कि यह फैसला नई चीज़ों को आज़माने, अधिक जोखिम लेने और नवाचार पर फोकस करने की उनकी इच्छा से जुड़ा है। उनका मानना है कि पब्लिक कंपनी के ढांचे से बाहर रहकर वे इन प्रयोगों को अधिक स्वतंत्रता से कर पाएंगे। साथ ही, Eternal को अब ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो मुख्य बिज़नेस पर अनुशासित और केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़े।

Read More 100 करोड़ की सड़क पहली बारिश में ही ध्वस्त! मंझावली रोड धंसने से निर्माण गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल

कौन हैं नए ग्रुप CEO अल्बिंदर ढींडसा?
नए ग्रुप CEO अल्बिंदर ढींडसा (अल्बी) कंपनी की ऑपरेटिंग स्ट्रैटेजी और प्रमुख बिज़नेस फैसलों की ज़िम्मेदारी संभालेंगे। ब्लिंकिट के अधिग्रहण से लेकर उसे ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने में उनकी लीडरशिप को इंडस्ट्री में खासा सराहा गया है। ढींडसा की अगुवाई में ब्लिंकिट इटरनल की टॉप प्रायोरिटी बना रहेगा, जबकि कोर फूड डिलीवरी बिज़नेस और अन्य वर्टिकल्स पर भी संतुलित फोकस रखा जाएगा।

निवेशकों की नजर आगे की रणनीति पर
Zomato/Eternal में हुए इस नेतृत्व परिवर्तन को कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ प्लान और बिज़नेस री-ऑर्गनाइजेशन के तौर पर देखा जा रहा है। अब निवेशकों और बाज़ार की नजर इस बात पर टिकी है कि नया नेतृत्व कंपनी को किस रणनीति के साथ आगे बढ़ाता है।

Tags:

Latest News

वायनाड टनल हादसे से पहले खतरे का अलर्ट! इंजीनियरों की रिपोर्ट में दर्ज थी चेतावनी, अब उठ रहे कई बड़े सवाल वायनाड टनल हादसे से पहले खतरे का अलर्ट! इंजीनियरों की रिपोर्ट में दर्ज थी चेतावनी, अब उठ रहे कई बड़े सवाल
जल जीवन मिशन की खुली पोल! 107 में से सिर्फ 77 पानी टंकियां तैयार, अधूरे काम छोड़ गायब हुए ठेकेदार; हजारों घर अब भी इंतजार में
सरकारी जमीन से बेदखली पर हाईकोर्ट की सख्ती! बिना स्पष्ट नोटिस नहीं हटाया जा सकता कब्जाधारी
PM Modi MCG Visit: मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, चेन्नई में होगा बिग बैश लीग के नए सीजन का ओपनिंग मैच
WhatsApp Username Feature पर सरकार सख्त: IT मंत्रालय के नोटिस का Meta ने दिया जवाब, भारत में लॉन्च टला
बच्चों से जुड़े अश्लील विज्ञापनों पर Meta की बढ़ीं मुश्किलें! Instagram से मांगा जवाब, अब सरकार करेगी बड़ा फैसला
खाना खाते ही ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी! पाचन बिगड़ने से लेकर एसिडिटी तक बढ़ सकता है खतरा
महादेव सट्टा घोटाला: सीबीआई ने पेश की 6 चार्जशीट, 72 लोगों पर शिकंजा, लेकिन प्रोटेक्शन मनी लेने वाले पुलिस अधिकारी जांच से बाहर
एफएसएल में 85 लाख की डीएनए किट पहुंची, नियमों के विपरीत नियुक्त संचालक हटाए गए
अपोलो की लापरवाही: वेंटिलेटर वाले मरीज को बिना डॉक्टर निजी एंबुलेंस से एयरपोर्ट भेजा, ऑक्सीजन गिरा, एक दिन खड़ी रही एयर एंबुलेंस
बिलासपुर पंजीयन कार्यालय में घूसखोरी: नाम में अंतर बताकर लौटाई रजिस्ट्री, फिर 25 हजार लेकर उसी दस्तावेज का कर दिया पंजीयन
3 साल बाद सामने आए कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, 17 जुलाई तक रहेंगे रिमांड पर: कोल लेवी, शराब घोटाले से जुड़े है तार...