गिग वर्कर्स के लिए बड़ी राहत: सोशल सिक्योरिटी के नए नियम जारी, पूरी करनी होगी ये शर्तें

नई दिल्ली। क्रिसमस और नववर्ष के दौरान सही सैलरी, बेहतर काम की स्थिति और सोशल सिक्योरिटी की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे गिग वर्कर्स के लिए अच्छी खबर है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने “सोशल सिक्योरिटी कोड (सेंट्रल) रूल्स, 2025” का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें गिग वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी और रजिस्ट्रेशन देने की व्यवस्था की गई है।

मुख्य बातें:

  • स्वास्थ्य, जीवन और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा जैसे लाभ पाने के लिए गिग वर्कर्स को कम से कम 90 दिनों तक एक ही एग्रीगेटर के साथ काम करना होगा।
  • यदि किसी वर्कर ने एक से अधिक एग्रीगेटर के साथ काम किया है, तो पिछले वित्तीय वर्ष में कुल मिलाकर 120 दिन का काम पूरा होना आवश्यक है।
  • वर्कर की एलिजिबिलिटी के लिए उस दिन से गणना शुरू होगी, जिस दिन से वह कमाई करता है। कमाई की राशि चाहे कितनी भी हो, हर कैलेंडर दिन गिना जाएगा।
  • अगर कोई वर्कर एक ही दिन में कई एग्रीगेटर के लिए काम करता है, तो हर एग्रीगेटर के लिए दिन अलग से गिना जाएगा।
  • 16 साल से अधिक उम्र के वर्कर्स को आधार नंबर और आवश्यक दस्तावेज़ों से रजिस्ट्रेशन करना होगा।
  • एग्रीगेटर्स को गिग वर्कर्स की जानकारी सेंट्रल पोर्टल पर साझा करनी होगी ताकि यूनिक अकाउंट नंबर या ID बनाई जा सके।
  • हर योग्य रजिस्टर्ड वर्कर को डिजिटल या फिजिकल आईडेंटिटी कार्ड दिया जाएगा, जिसे निर्धारित पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा।
  • केंद्र सरकार एक अधिकारी या एजेंसी को एग्रीगेटर्स से योगदान एकत्र करने और इसे सोशल सिक्योरिटी फंड में रखने के लिए जिम्मेदार ठहराएगी।
  • कोई भी रजिस्टर्ड वर्कर तब तक एलिजिबल नहीं रहेगा, जब तक वह 60 वर्ष का न हो जाए, या 90 दिनों से कम किसी एग्रीगेटर के साथ काम करे, या कई एग्रीगेटर के साथ 120 दिन का काम पूरा न करे।
  • असंगठित श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए अलग कैटेगरी में पांच सदस्य रोटेशन के आधार पर नॉमिनेट किए जाएंगे।

यह नया नियम गिग इकॉनमी में काम करने वाले लाखों वर्कर्स के लिए सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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