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Vaishakh Amavasya 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग में होगी वैशाख अमावस्या, जानें स्नान-दान का मुहूर्त
Vaishakh Amavasya 2026: साल भर में 12 अमावस्या पड़ती है. हर एक अमावस्या का अपना एक अलग महत्व है. वैशाख माह में पड़ने वाली अमावस्या को वैशाख अमावस्या कहा जाता है. अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित किया गया है. अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है. इस दिन तर्पण और पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है, जिससे पितृ प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं.
अमावस्या के दिन पावन नदियों में स्नान और दान करने की परंपरा भी सदियों से चली आ रही है. वैशाख अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करना बहुत फलदायी माना गया है. अगर बाहर जाना संभव नहीं है तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए. ऐसा करने से गंगा स्नान जितना फल प्राप्त होता है, तो आइए जानते हैं वैशाख अमावस्या के दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा?
वैशाख अमावस्या कब है? (Vaishakh Amavasya 2026 Kab Hai)
- पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की अमावस्या तिथि का आरंभ 16 अप्रैल को रात 8 बजकर 11 मिनट पर होगा.
- इस तिथि का समापन 17 अप्रैल को शाम 5 बजकर 21 मिनट पर होगा.
- ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल को मनाई जाएगी.
वैशाख अमावस्या शुभ योग (Vaishakh Amavasya 2026 Subh Yog)
इस साल वैशाख अमावस्या के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा. ज्योतिष शास्त्र में इस योग बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है. इस योग में जो भी काम किए जाते हैं, उनमें सफलता मिलती है. इसके अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग में दान करने से कई गुना अधिक पुण्य फल मिलता है. इस शुभ योग में पूजा-पाठ करने से घर में बरकत बनी रहती है. सर्वार्थ सिद्धि योग वैशाख अमावस्या पर पूरे दिन रहेगा. वहीं इस दिन अमृत सिद्धि योग भी रहेगा. अमृत सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 29 मिनट से दोपहर 12 बजकर 02 मिनट तक रहेगा.
वैशाख अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त (Vaishakh Amavasya 2026 Snan-Daan Muhurat)
वैशाख अमावस्या के दिन स्नान-दान के लिए सुबह 05 बजकर 54 मिनट से सुबह 10 बजकर 44 मिनट तक का समय सबसे उत्तम है. अमावस्या के दिन स्नान-दान ब्रह्म मुहूर्त में भी करना सबसे शुभ माना गया है. वैशाख अमावस्या के दिन स्नान-दान ब्रह्म मुहूर्त भी बहुत अच्छा रहेगा. 17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04 बजकर 49 मिनट से 05 बजकर 34 मिनट तक रहेगा.
इस दिन चर-सामान्य मुहूर्त सुबह 05 बजकर 54 मिनट से 07 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 07 बजकर 31 मिनट से 09 बजकर 07 मिनट तक रहेगा. अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 09 बजकर 07 मिनट से 10 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. अभिजित मुहूर्त 12 बजकर 13 मिनट से 01 बजकर 03 मिनट तक रहेगा. इन सभी मुहूर्त में भी स्नान-दान किया जा सकता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. नेशनल जगत विज़न इसकी पुष्टि नहीं करता है.
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
