छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल का महाझटका! 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी, जनता की जेब पर डबल अटैक
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर बड़ा असर डालना शुरू कर दिया है। मई महीने में चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ाए जाने के बाद राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में पेट्रोल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। नई दरों के लागू होने के बाद परिवहन, मालभाड़ा और रोजमर्रा की जरूरतों की लागत बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। लगातार हो रही मूल्य वृद्धि से मध्यम वर्ग और व्यापारिक समुदाय दोनों की चिंता बढ़ गई है।
तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के मुताबिक इस बार पेट्रोल में करीब 2.61 प्रति लीटर और डीजल में 2.75 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रायपुर में पेट्रोल की कीमत 108.06 प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल 101.32 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं बिलासपुर में पेट्रोल 108.71 और डीजल 101.97 प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का सीधा असर घरेलू ईंधन बाजार पर दिखाई दे रहा है।
सबसे ज्यादा असर गरियाबंद जिले में देखने को मिला है, जहां पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में चार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां पेट्रोल 109.74 प्रति लीटर और डीजल 103.01 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी और परिवहन लागत को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आवश्यक वस्तुओं के दामों में भी जल्द बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
पिछले 10 दिनों में चार बार ईंधन महंगा होने से जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। 15 मई से शुरू हुई मूल्य वृद्धि का सिलसिला अब तक जारी है, जिसके कारण लोग राहत की उम्मीद छोड़ते नजर आ रहे हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं आती, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दाम आम आदमी के लिए सबसे बड़ी चिंता बनते जा रहे हैं।
