मानसिक तनाव से हैं परेशान? मन को शांत रखने के लिए अपनाएं गीता के ये 6 महामंत्र

नई दिल्ली। श्रीमद्भगवद्गीता दुनिया का एक ऐसा अनूठा ग्रंथ है, जो हमें सिर्फ धर्म की बातें नहीं सिखाता, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाता है। जब भी हम किसी उलझन में होते हैं, तनाव महसूस करते हैं या मन अशांत होता है, तो गीता के उपदेश एक ठंडी हवा के झोंके की तरह असर करते हैं। कुरुक्षेत्र के मैदान में जब अर्जुन का मन घबरा रहा था, तब भगवान कृष्ण ने उन्हें जो बातें समझाई थीं, वे आज भी हमारे जीवन की हर समस्या का समाधान करती हैं। यहां बहुत ही आसान भाषा में गीता के वो 6 सूत्र दिए गए हैं, जो आपके अशांत मन को तुरंत शांति दे सकते हैं। आइए जानते हैं कौन से हैं वो सबक जो आपके जीवन में एक थेरेपी की तरह काम करेंगे।

1. नतीजे की चिंता छोड़ दें
भगवान कृष्ण कहते हैं कि हमारा अधिकार सिर्फ मेहनत करने पर है, उसका फल क्या मिलेगा यह हमारे हाथ में नहीं है। हम अक्सर 'कल क्या होगा' या 'हार गए तो क्या होगा', सोचकर परेशान रहते हैं। अगर हम फल की चिंता छोड़कर सिर्फ ईमानदारी से अपना काम करें, तो मन का बोझ तुरंत हल्का हो जाता है।

2. अपने मन को अपना सबसे अच्छा दोस्त बनाएं
इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन और सबसे बड़ा दोस्त उसका अपना मन ही है। अगर आप अपने मन को काबू में रखते हैं, तो वह आपका सबसे अच्छा दोस्त है। लेकिन, अगर आप अपने मन पर काबू करने लगे, तो वह आपका दुश्मन बन जाता है। शांति पाने के लिए अपने विचारों को सकारात्मक रखना बहुत जरूरी है।

Read More Holashtak 2026: होलाष्टक के समय करें भगवान विष्णु की ऐसे आराधना, हर संकट से मिलेगी मुक्ति!

3. सुख और दुख में एक जैसे रहें
जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। कभी बहुत खुशियां मिलेंगी तो कभी खूब सारा गम मिलेगा। कृष्ण सिखाते हैं कि जो इंसान सुख में बहुत ज्यादा उछलता नहीं और दुख में पूरी तरह टूटता नहीं। वही असली शांति का अनुभव कर पाता है। हालात कैसे भी हों, खुद को संतुलित रखना सीखें।

Read More Amalaki Ekadashi 2026: कब मनाई जाएगी आमलकी एकादशी? जानें डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

4. गुस्से से बचें
गुस्सा करने से इंसान की समझ धुंधली पड़ जाती है। गुस्से में हम वह बातें बोल देते हैं या वो काम कर देते हैं जिनका पछतावा बाद में होता है। अशांति की सबसे बड़ी जड़ गुस्सा ही है। शांत रहकर ही हम किसी भी मुश्किल का हल निकाल सकते हैं।

5. भगवान पर भरोसा रखें
जीवन में जब भी अंधेरा लगने लगे और कोई रास्ता ना दिखाई दे, तो अपनी सारी चिंताएं ईश्वर को सौंप दें। यह विश्वास कि "जो हो रहा है उसमें ईश्वर की कोई मर्जी है और वह मेरा बुरा नहीं होने देंगे," मन को एक गजब का सुकून देता है।

6. आज में जीना सीखें
हम या तो पुरानी बातों को याद करके दुखी होते रहते हैं या आने वाले कल को लेकर डरते रहते हैं। कृष्ण कहते हैं कि जो बीत गया वो जा चुका है और जो आने वाला है वो आपके हाथ में नहीं है। इसलिए सिर्फ 'आज' और 'अभी' में जिएं।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

सीएसपीडीसीएल में बड़ा खेल: बिना काम किए ही 120 कर्मचारियों का वेतन भुगतान तय, तीन दिन पहले ही रोस्टर चार्ट मंजूर

राज्य

शंकराचार्य विवाद पर बढ़ी सियासी-धार्मिक हलचल: कंप्यूटर बाबा ने द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग शंकराचार्य विवाद पर बढ़ी सियासी-धार्मिक हलचल: कंप्यूटर बाबा ने द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग
नई दिल्ली/प्रयागराज: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज मामले को लेकर देशभर में धार्मिक...
काशी के मणिकर्णिका घाट पर ‘मसान की होली’ को लेकर विवाद तेज, डोम राजा ने दी दाह संस्कार रोकने की चेतावनी
मेघालय विधानसभा में ‘सियासी जुगलबंदी’: विधायक पत्नी ने CM पति से मांगा प्रोजेक्ट का हिसाब
हरियाणा IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड केस: 590 करोड़ के घोटाले में मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘न्यायपालिका को बदनाम नहीं होने देंगे’, NCERT के ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ चैप्टर पर आपत्ति