‘AAP से BJP’ तक का सफर: राघव चड्ढा के फैसले के पीछे की पूरी कहानी, देखे वीडियो
नई दिल्ली: दिल्ली में सियासी हलचल के बीच राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़कर BJP का दामन थामने के फैसले पर खुलकर अपनी बात रखी है। हाल ही में जारी वीडियो संदेश में उन्होंने बताया कि पार्टी छोड़ने के बाद उनके सामने तीन विकल्प थे, जिनमें राजनीति से संन्यास लेना, पार्टी के भीतर रहकर बदलाव की कोशिश करना या किसी नई राजनीतिक पार्टी के साथ जुड़कर काम करना शामिल था। अंततः उन्होंने तीसरे विकल्प को चुनते हुए भारतीय जनता पार्टी के साथ नई पारी शुरू करने का निर्णय लिया।
वीडियो में चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें राज्यसभा में बोलने और काम करने से रोका जाता था, जिससे वे खुद को सीमित महसूस कर रहे थे। उनके अनुसार, पार्टी का आंतरिक माहौल बदल चुका है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी हो गई है।
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चड्ढा ने यह भी बताया कि उनका यह फैसला अकेला नहीं था, बल्कि उनके साथ सात अन्य सांसदों ने भी पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर नेताओं का एक साथ अलग होना यह दर्शाता है कि संगठन के भीतर गहरी असहमति मौजूद थी। उन्होंने इसे “टॉक्सिक वर्क कल्चर” का परिणाम बताते हुए कहा कि ऐसे माहौल में सकारात्मक राजनीति करना मुश्किल हो जाता है।
अपने संदेश के अंत में राघव चड्ढा ने भरोसा दिलाया कि पार्टी बदलने के बावजूद उनकी प्राथमिकता जनता के मुद्दे ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे पहले की तरह संसद में सक्रिय रहकर लोगों की आवाज उठाते रहेंगे। उनके इस फैसले ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है और आने वाले समय में इसके प्रभाव पर नजरें टिकी रहेंगी।
