वाह विधायक जी! कैमरे पर खुद फाड़ा अपना कुर्ता और इल्जाम पुलिस पर, सियासी ड्रामे का वीडियो वायरल, 7 पर FIR
बिलासपुर। सियासत में सहानुभूति बटोरने के लिए नेता क्या-क्या नहीं करते, लेकिन भिलाई के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने तो बॉलीवुड के स्क्रिप्ट राइटर्स को भी पीछे छोड़ दिया है। नीट (NEET) परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले को लेकर बिलासपुर में बवाल चल रहा था। इसी दौरान विधायक जी ने ऐसा सियासी स्टंट किया कि अब जनता और राजनीतिक गलियारों में एक ही आवाज गूंज रही है- वाह विधायक जी, क्या एक्टिंग है!
खुद ही फाड़ा और खुद ही रोए
दरअसल, पूरा वाकया 3 जून का है। एनएसयूआई और कांग्रेस के कार्यकर्ता केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के बंगले का घेराव करने पहुंचे थे। वहां पुलिस के साथ जमकर धक्का-मुक्की और झूमाझटकी हुई। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के तुरंत बाद विधायक देवेंद्र यादव मीडिया के सामने आए और बड़े ही आक्रामक व पीड़ित अंदाज में पुलिस पर गंभीर आरोप जड़ दिए। उनका दावा था कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की, लाठीचार्ज किया और उनका कुर्ता फाड़ दिया। कांग्रेस ने भी इस 'कुर्ता-कांड' को मुद्दा बनाकर शासन को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
लेकिन, कहते हैं न कि डिजिटल युग में कैमरे झूठ नहीं बोलते। अब एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक जी भीड़ के बीच खुद ही अपने हाथों से अपना कुर्ता फाड़ते नजर आ रहे हैं। इस 'सेल्फ-सर्विस' वाले वीडियो ने कांग्रेस की सारी सहानुभूति वाली स्क्रिप्ट की हवा निकाल दी है। अब भाजपा नेता चुटकियां ले रहे हैं कि यह सिर्फ माहौल बनाने और पब्लिक की सिम्पैथी लूटने का एक फ्लॉप शो था।
पुलिस की एंट्री 7 पर नामजद FIR
विधायक जी के इस कुर्ता-फाड़ प्रदर्शन को सिविल लाइन थाना पुलिस ने बिलकुल भी एंटरटेनमेंट के तौर पर नहीं लिया। पुलिस ने बिना देर किए 7 नामजद नेताओं पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
इन पर गिरी गाज:
- देवेंद्र यादव (भिलाई विधायक)
विनोद जाखड़ (एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष)
नीरज पांडेय (प्रदेश अध्यक्ष)
सिद्धांशु मिश्रा (जिला शहर अध्यक्ष)
लक्की मिश्र
रंजीत सिंह
उमर
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बिलासपुर) पंकज पटेल के अनुसार, इन सभी पर बीएनएस (BNS) की धारा 126 (2), 190, 191(2), 292 और 293 के तहत रास्ता रोकने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का मामला दर्ज किया गया है।
सस्पेंस: गंगोत्री जी कैसे बच गए?
इस पूरी पुलिसिया स्क्रिप्ट में एक सस्पेंस भी है। 7 नामजद और कई अज्ञात लोगों पर केस दर्ज हुआ है, लेकिन इसमें कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री का नाम रडार से पूरी तरह गायब है। उनका नाम न होने से अब कांग्रेस संगठन के भीतर ही खुसर-फुसर चालू है कि आखिर इस पूरे हंगामे के बीच गंगोत्री जी सेफ जोन में कैसे चले गए?
अगला एपिसोड: बैलगाड़ी से कलेक्टोरेट घेराव
इस एक्शन-पैक एपिसोड के बाद कांग्रेस 9 जून को एक और प्रदर्शन की तैयारी में है। खरीफ सीजन में खाद वितरण में कटौती, टोकन व्यवस्था, जरकिन में डीजल पर रोक और अघोषित बिजली कटौती जैसी किसानों की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस अब बैलगाड़ी से कलेक्टोरेट का घेराव करने वाली है।
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Edited By: मनीशंकर पांडेय
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