इंश्योरेंस कंपनी में 24 लाख का खेल! ग्राहकों के OTP से फर्जी लोन, हरियाणा से दो आरोपी गिरफ्तार
पानीपत। मुंबई साइबर पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा करते हुए हरियाणा के पानीपत से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक निजी इंश्योरेंस कंपनी के पूर्व कर्मचारी ने अपने साथी के साथ मिलकर ग्राहकों की जानकारी का दुरुपयोग करते हुए फर्जी लोन मंजूर करवाए और कंपनी को करीब 24 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया। मामले में मुख्य आरोपी इमरान खान और उसके सहयोगी पुलकित शर्मा को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक महिला सह-आरोपी अभी भी फरार बताई जा रही है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी पॉलिसी धारकों के घर जाकर उन्हें नई और बेहतर बीमा पॉलिसी का झांसा देते थे। प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने वे ग्राहकों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेते और फोन पर आने वाले OTP की जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद कथित तौर पर ग्राहकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ईमेल और बैंक खाते की जानकारी बदलकर उनके नाम पर लोन स्वीकृत करवा लिए जाते थे। असली ग्राहकों को इसकी भनक तक नहीं लगती थी क्योंकि सिस्टम में उनकी संपर्क जानकारी पहले ही बदल दी जाती थी।
धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए आरोपी कंपनी की वेरिफिकेशन प्रक्रिया का भी फायदा उठाते थे। नियम के तहत नए बैंक खाते की पुष्टि के लिए 1 रुपये ट्रांसफर किया जाता था। बदले गए मोबाइल नंबरों के कारण यह संदेश सीधे आरोपियों तक पहुंचता था, जिससे वे बैंक खाते को वैध साबित कर देते थे। इसके बाद लोन की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। पुलिस का दावा है कि इस तरीके से कई ग्राहकों के नाम पर फर्जी लोन पास करवाए गए।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक ग्राहक को ऐसे लोन का संदेश मिला, जिसके लिए उसने कभी आवेदन नहीं किया था। शिकायत के बाद कंपनी की आंतरिक जांच में कथित गड़बड़ी सामने आई। इसके आधार पर मुंबई की वेस्ट साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की और हरियाणा में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब फरार महिला आरोपी की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
