भतीजी थी वकील तो जज ने छोड़ी सुनवाई: चीफ जस्टिस के 'केस न छोड़ने' वाले सर्कुलर को बेंच ने बताया न्यायपालिका के काम में हस्तक्षेप

भतीजी थी वकील तो जज ने छोड़ी सुनवाई: चीफ जस्टिस के 'केस न छोड़ने' वाले सर्कुलर को बेंच ने बताया न्यायपालिका के काम में हस्तक्षेप

बिलासपुर/NJV. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक अभूतपूर्व स्थिति सामने आई है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने चीफ जस्टिस के निर्देश पर रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) द्वारा जारी किए गए एक हालिया सर्कुलर पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। जजों के किसी मामले की सुनवाई से हटने (Recusal) के नियमों से जुड़े इस सर्कुलर को डिवीजन बेंच ने सीधे तौर पर "कोर्ट के कामकाज में हस्तक्षेप" करार दिया है। यह तल्ख टिप्पणी न्यायपालिका के भीतर प्रशासनिक निर्देशों और जजों के विशेषाधिकार के बीच एक बड़ी बहस को जन्म दे सकती है।

 

Read More 'जजों को IPC की धाराएं तक नहीं पता?’ हाई कोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, आरोपी और छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

 

यह पूरा मामला तब सामने आया जब जस्टिस संजय एस अग्रवाल और जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की डिवीजन बेंच एक वैवाहिक अपील की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि इस मामले में एक जूनियर वकील के तौर पर पेश हुई महिला अधिवक्ता, बेंच के पीठासीन जज जस्टिस संजय एस अग्रवाल की सगी भतीजी हैं। इसे देखते हुए बेंच ने तुरंत इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने का फैसला किया।

Read More सस्पेंडेड IPS डांगी यौन शोषण केस: आरोप प्रमाणित होने पर चार्जशीट जारी; पीड़िता की आपत्ति के बाद हटे प्रशांत अग्रवाल, अब पारुल माथुर रखेंगी पक्ष

 

बेंच ने दिया नियमों का हवाला

 

मामले से अलग होते हुए बेंच ने अधिवक्ता अधिनियम (Advocates Act) की धारा 49 (1) (c) के तहत बने नियमों का स्पष्ट हवाला दिया। इस नियम (नियम 6, भाग VI, अध्याय-II) के मुताबिक, कोई भी वकील किसी ऐसे कोर्ट या जज के सामने बहस या प्रैक्टिस नहीं कर सकता, जहां जज उसका करीबी रिश्तेदार हो। इस नियम में 'भतीजी' का रिश्ता भी स्पष्ट रूप से शामिल है। बेंच ने कहा कि भविष्य में किसी भी तरह के अवांछित विवाद से बचने के लिए यही उचित है कि इस मामले की सुनवाई कोई दूसरी बेंच करे, जिसमें जस्टिस अग्रवाल शामिल न हों।

 

चीफ जस्टिस का 16 अप्रैल का वह सर्कुलर, जिस पर  बेंच ने जताई आपत्ति...

 

बेंच ने खुद को मामले से अलग तो कर लिया, लेकिन इसी दौरान उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को जारी उस सर्कुलर पर आपत्ति की जो चीफ जस्टिस के निर्देश पर निकाला गया था। इस सर्कुलर का मुख्य उद्देश्य वकीलों द्वारा मनमुताबिक 'बेंच या कोर्ट चुनने' (Forum Shopping) की प्रथा पर रोक लगाना था।

 

सर्कुलर में निर्देश था कि:

 

  •   जजों का सुनवाई से हटना एक 'सामान्य नियम' नहीं होना चाहिए। इसका इस्तेमाल केवल 'दुर्लभ और वास्तविक परिस्थितियों' में ही किया जाए।
  •  यदि किसी जज का रिश्तेदार वकील कोई केस स्वीकार कर लेता है, तो महज इसी आधार पर मामले को सुनवाई से हटने का अपवाद नहीं माना जाएगा।
  •  जजों को निर्देश दिया गया था कि वे मामले की प्रकृति जांचें और केवल तभी केस छोड़ें जब उन्हें लगे कि मंशा बेंच बदलने की नहीं है। इसके लिए लिखित में कारण भी दर्ज करने को कहा गया था।

 

यह हमारा विशेषाधिकार, निर्देश नहीं थोप सकते

 

डिवीजन बेंच ने इस प्रशासनिक सर्कुलर पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। बेंच ने अपने आदेश में दो टूक कहा कि कौन सा मामला अपवाद की श्रेणी में आएगा और कोर्ट को किस तरह से काम करना है, यह पूरी तरह से संबंधित बेंच का अपना विशेषाधिकार है। इसे इस तरह के सर्कुलर के जरिए "निर्देशित और प्रतिबंधित" नहीं किया जा सकता। बेंच ने अपनी तल्ख टिप्पणी में दर्ज किया, इस प्रकार, उक्त सर्कुलर कोर्ट के कामकाज में सीधा हस्तक्षेप प्रतीत होता है।

 

Tags:

Latest News

Anjali Arora Controversy: ‘कच्चा बादाम से दिक्कत नहीं, अपनी सुरक्षा की चिंता थी’, कानपुर इवेंट पर अंजलि ने तोड़ी चुप्पी Anjali Arora Controversy: ‘कच्चा बादाम से दिक्कत नहीं, अपनी सुरक्षा की चिंता थी’, कानपुर इवेंट पर अंजलि ने तोड़ी चुप्पी
कहीं रावण की पूजा, तो कहीं दहन से परहेज, भारत में दशहरे की ये परंपराएं हैं बेहद अनोखी
Raipur Fire: उरला की टायर फैक्ट्री में भीषण आग, आसमान में उठा धुएं का गुबार; दमकल की टीमें मौके पर
Tiger Shroff Firing: मुंबई फायरिंग केस में अनिल पंडित का नाम क्यों उछला? सोशल मीडिया दावे से लेकर पुलिस जांच तक जानिए
Chhattisgarh News: 8 साल पहले चोरी किए हीरे बेचने निकला आरोपी! धमतरी पुलिस ने 146 पत्थरों के साथ किया गिरफ्तार
ईयरफोन में खोया रहा, नहीं सुन पाया मौत का हॉर्न, 13 साल के अमन की मौत से घर में पसरा मातम
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल, जल संसाधन विभाग के 12 अधीक्षण अभियंताओं का तबादला
‘आज चुनाव हुए तो इनोवा में भागेंगे विधायक’, भूपेश बघेल का सरकार पर तीखा हमला, धरमलाल का पलटवार
अटल आवास में देर रात आग का तांडव, जान बचाने छत से कूदे लोग, 5 बाइक जलकर राख
Chhattisgarh News: जिंदा महिला को सरकारी रिकॉर्ड में दिखाया मृत, राशन भी बंद! पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने खाद्य मंत्री से मांगा जवाब
नवरात्रि उत्सव में हुड़दंग पड़ा भारी! युवतियों से छेड़छाड़ के आरोप पर युवकों की पिटाई का वीडियो चर्चा में
Gariaband News: रायपुर के अस्पताल से गायब हुआ युवक बिलासपुर में मिला? 10 दिन बाद घर लौटा तो सुनाई खौफनाक आपबीती