भतीजी थी वकील तो जज ने छोड़ी सुनवाई: चीफ जस्टिस के 'केस न छोड़ने' वाले सर्कुलर को बेंच ने बताया न्यायपालिका के काम में हस्तक्षेप

भतीजी थी वकील तो जज ने छोड़ी सुनवाई: चीफ जस्टिस के 'केस न छोड़ने' वाले सर्कुलर को बेंच ने बताया न्यायपालिका के काम में हस्तक्षेप

बिलासपुर/NJV. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक अभूतपूर्व स्थिति सामने आई है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने चीफ जस्टिस के निर्देश पर रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) द्वारा जारी किए गए एक हालिया सर्कुलर पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। जजों के किसी मामले की सुनवाई से हटने (Recusal) के नियमों से जुड़े इस सर्कुलर को डिवीजन बेंच ने सीधे तौर पर "कोर्ट के कामकाज में हस्तक्षेप" करार दिया है। यह तल्ख टिप्पणी न्यायपालिका के भीतर प्रशासनिक निर्देशों और जजों के विशेषाधिकार के बीच एक बड़ी बहस को जन्म दे सकती है।

 

Read More रायपुर पुलिस को मिली नई ताकत: 60 सब-इंस्पेक्टर थानों में संभालेंगे मोर्चा, शुरू होगी फील्ड ट्रेनिंग

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

 

यह पूरा मामला तब सामने आया जब जस्टिस संजय एस अग्रवाल और जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की डिवीजन बेंच एक वैवाहिक अपील की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि इस मामले में एक जूनियर वकील के तौर पर पेश हुई महिला अधिवक्ता, बेंच के पीठासीन जज जस्टिस संजय एस अग्रवाल की सगी भतीजी हैं। इसे देखते हुए बेंच ने तुरंत इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने का फैसला किया।

Read More अफसरों की बेरुखी पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी कहा सिर्फ नियम दिखाकर गरीबों की अनुकंपा नियुक्ति रोकना गलत

 

बेंच ने दिया नियमों का हवाला

 

मामले से अलग होते हुए बेंच ने अधिवक्ता अधिनियम (Advocates Act) की धारा 49 (1) (c) के तहत बने नियमों का स्पष्ट हवाला दिया। इस नियम (नियम 6, भाग VI, अध्याय-II) के मुताबिक, कोई भी वकील किसी ऐसे कोर्ट या जज के सामने बहस या प्रैक्टिस नहीं कर सकता, जहां जज उसका करीबी रिश्तेदार हो। इस नियम में 'भतीजी' का रिश्ता भी स्पष्ट रूप से शामिल है। बेंच ने कहा कि भविष्य में किसी भी तरह के अवांछित विवाद से बचने के लिए यही उचित है कि इस मामले की सुनवाई कोई दूसरी बेंच करे, जिसमें जस्टिस अग्रवाल शामिल न हों।

 

चीफ जस्टिस का 16 अप्रैल का वह सर्कुलर, जिस पर  बेंच ने जताई आपत्ति...

 

बेंच ने खुद को मामले से अलग तो कर लिया, लेकिन इसी दौरान उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को जारी उस सर्कुलर पर आपत्ति की जो चीफ जस्टिस के निर्देश पर निकाला गया था। इस सर्कुलर का मुख्य उद्देश्य वकीलों द्वारा मनमुताबिक 'बेंच या कोर्ट चुनने' (Forum Shopping) की प्रथा पर रोक लगाना था।

 

सर्कुलर में निर्देश था कि:

 

  •   जजों का सुनवाई से हटना एक 'सामान्य नियम' नहीं होना चाहिए। इसका इस्तेमाल केवल 'दुर्लभ और वास्तविक परिस्थितियों' में ही किया जाए।
  •  यदि किसी जज का रिश्तेदार वकील कोई केस स्वीकार कर लेता है, तो महज इसी आधार पर मामले को सुनवाई से हटने का अपवाद नहीं माना जाएगा।
  •  जजों को निर्देश दिया गया था कि वे मामले की प्रकृति जांचें और केवल तभी केस छोड़ें जब उन्हें लगे कि मंशा बेंच बदलने की नहीं है। इसके लिए लिखित में कारण भी दर्ज करने को कहा गया था।

 

यह हमारा विशेषाधिकार, निर्देश नहीं थोप सकते

 

डिवीजन बेंच ने इस प्रशासनिक सर्कुलर पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। बेंच ने अपने आदेश में दो टूक कहा कि कौन सा मामला अपवाद की श्रेणी में आएगा और कोर्ट को किस तरह से काम करना है, यह पूरी तरह से संबंधित बेंच का अपना विशेषाधिकार है। इसे इस तरह के सर्कुलर के जरिए "निर्देशित और प्रतिबंधित" नहीं किया जा सकता। बेंच ने अपनी तल्ख टिप्पणी में दर्ज किया, इस प्रकार, उक्त सर्कुलर कोर्ट के कामकाज में सीधा हस्तक्षेप प्रतीत होता है।

 

Tags:

Latest News

दिल्ली से सिलीगुड़ी सिर्फ 6 घंटे में! बंगाल को मिली बुलेट ट्रेन की सौगात, रेलवे के लिए खुला एक लाख करोड़ का विकास द्वार दिल्ली से सिलीगुड़ी सिर्फ 6 घंटे में! बंगाल को मिली बुलेट ट्रेन की सौगात, रेलवे के लिए खुला एक लाख करोड़ का विकास द्वार
15 साल के वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया का बुलावा, डेब्यू मिलते ही टूट सकता है सचिन तेंदुलकर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
सुकमा में नक्सलियों के मंसूबों पर बड़ा वार! जंगल से हथियारों और विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद
राशन कार्डों पर बड़ा एक्शन! SIR समीक्षा के बाद 63 लाख लाभार्थियों की होगी जांच, फर्जीवाड़े पर सरकार की सख्ती
पटना सिविल कोर्ट पहुंचे खान सर, फायरिंग केस में नाम जुड़ने के बाद सरेंडर की अटकलें तेज
हौजरानी अग्निकांड में बड़ा खुलासा, आग लगते ही बेसमेंट का शटर गिराकर भागा शेफ, नहीं दी कोई चेतावनी
राबड़ी आवास पर कार्यकर्ताओं ने संभाली सुरक्षा की कमान, सरकारी सुरक्षा लौटाने के फैसले पर बिहार में तेज हुई सियासत
हिमाचल में भूकंप के तिहरे झटकों से दहशत, मकानों को नुकसान; अस्पताल की छत गिरी, मरीजों की बची जान
दुर्ग में कोयले के काले कारोबार का भंडाफोड़, फर्जी GST बिल के सहारे बेच रहा था चोरी का कोयला, 3 गिरफ्तार
रायपुर के सेंट्रल बैंक जोनल ऑफिस में लगी आग, मची अफरा-तफरी, दमकल की कई टीमें मौके पर तैनात
जंतर-मंतर पर CJP का शक्ति प्रदर्शन शुरू, अभिजीत दीपके के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ गूंजे इस्तीफे के नारे
OnePlus 13 पर बंपर ऑफर! 17,000 रुपये तक सस्ता हुआ फ्लैगशिप फोन, 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ शानदार डील