स्मोकिंग छोड़ने का नया फॉर्मूला? लैंसेट की स्टडी में सामने आया असरदार तरीका, एक्सपर्ट ने समझाया

स्मोकिंग छोड़ने का नया फॉर्मूला? लैंसेट की स्टडी में सामने आया असरदार तरीका, एक्सपर्ट ने समझाया

भारत में धूम्रपान आज भी एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है. अनुमान है कि देश में करीब 13.5 करोड़ लोग तंबाकू का सेवन करते हैं और हर साल लाखों लोगों की मौत धूम्रपान से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, बिना किसी चिकित्सकीय सहायता के सिगरेट छोड़ने की सफलता दर 4% से भी कम रहती है. इसी बीच The Lancet Regional Health – Western Pacific में प्रकाशित एक नई रिसर्च ने धूम्रपान छोड़ने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. अध्ययन के मुताबिक, न्यूजीलैंड ने पारंपरिक तंबाकू नियंत्रण उपायों के साथ रेगुलेटेड निकोटीन विकल्पों को अपनाकर धूम्रपान की दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की.

स्टडी में क्या सामने आया?
शोध के अनुसार, 20वीं सदी के मध्य में न्यूजीलैंड में पुरुषों में रोजाना धूम्रपान करने वालों की संख्या करीब 40% और महिलाओं में लगभग एक-तिहाई थी. टैक्स बढ़ाने, ग्राफिक चेतावनी, प्लेन पैकेजिंग और अन्य नियंत्रण उपायों के बाद 2015-16 तक यह दर घटकर 15% रह गई.इसके बाद 2018-19 में धूम्रपान छोड़ने की रणनीति के तहत रेगुलेटेड निकोटीन विकल्पों को भी शामिल किया गया. नतीजतन 2022-23 तक रोजाना धूम्रपान करने वालों की संख्या 7% से भी कम रह गई. शोध में इस्तेमाल की गई Joinpoint Regression Analysis तकनीक से पता चला कि धूम्रपान में गिरावट की वार्षिक रफ्तार 3.5% से बढ़कर 17.9% हो गई, यानी पहले की तुलना में लगभग पांच गुना तेजी से कमी दर्ज की गई.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
डॉ. के अनुसार, केवल पारंपरिक तंबाकू नियंत्रण उपाय हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त नहीं होते. उनका कहना है कि न्यूजीलैंड में बदलाव तब तेज हुआ जब कम नुकसान पहुंचाने वाले रेगुलेटेड निकोटीन विकल्पों को धूम्रपान छोड़ने की रणनीति का हिस्सा बनाया गया. हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि निकोटीन पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और इसकी लत लग सकती है. लेकिन वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि धूम्रपान से होने वाले कई गंभीर रोगों का प्रमुख कारण तंबाकू के जलने से निकलने वाले हजारों जहरीले रसायन होते हैं. इसलिए किसी भी विकल्प का उपयोग केवल विशेषज्ञ की सलाह और तय नियमों के तहत ही किया जाना चाहिए.

Read More सिर्फ खराब खानपान नहीं, ये 5 वजहें भी बढ़ा सकती हैं वजन; आज ही दें ध्यान

युवाओं की सुरक्षा पर भी रहा फोकस
अध्ययन के मुताबिक, न्यूजीलैंड ने वयस्कों में धूम्रपान कम करने के साथ-साथ युवाओं की सुरक्षा के लिए भी सख्त नियम लागू किए. इनमें

Read More स्वाइन फ्लू है या सिर्फ वायरल फीवर? लक्षणों से कैसे करें पहचान, जानें कब जरूरी है टेस्ट

  • 18 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा
  • फ्लेवर पर नियंत्रण
  • डिस्पोजेबल वेप्स पर प्रतिबंध
  • निकोटीन की अधिकतम सीमा तय करना

जैसे कदम शामिल थे. इन उपायों के बाद किशोरों में रोजाना धूम्रपान करने वालों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर तक घट गई.

भारत के लिए क्या सीख?
डॉ. का कहना है कि भारत और न्यूजीलैंड की स्वास्थ्य व्यवस्था अलग हो सकती है, लेकिन तंबाकू की लत दोनों देशों के लिए बड़ी चुनौती है. उनके मुताबिक, लंबे समय से धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए केवल पारंपरिक उपाय हमेशा पर्याप्त नहीं होते. ऐसे में वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर तैयार धूम्रपान छोड़ने के कार्यक्रमों का विस्तार करना जरूरी है. भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT) को अपनी Essential Medicines List में शामिल कर चुका है. वहीं Drugs Technical Advisory Board (DTAB) ने 2mg निकोटीन गम को भी कुछ नियामकीय छूट दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि धूम्रपान छोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों को खुद से कोई निकोटीन उत्पाद शुरू करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. सही परामर्श, व्यवहारिक सहायता और प्रमाण-आधारित उपचार के साथ तंबाकू की लत से छुटकारा पाने की संभावना काफी बढ़ सकती है.

Error on ReusableComponentWidget
Tags:

Latest News

शराब दुकान के पास युवक की चाकू मारकर हत्या, एक आरोपी और अपचारी बालक गिरफ्तार शराब दुकान के पास युवक की चाकू मारकर हत्या, एक आरोपी और अपचारी बालक गिरफ्तार
रतनपुर महामाया मंदिर विवाद पर भाजपा का एक्शन, अल्पसंख्यक मोर्चा महामंत्री रेहाना बेगम पद से मुक्त  
दहेज में बुलेट नहीं मिली तो नवविवाहिता को जबरन पिलाया कीटनाशक, पति और सास पर मामला दर्ज
माँगा मोबाइल, तो जीजा ने चेहरे पर उड़ेल दिया गर्म तेल, युवक गंभीर रूप से झुलसा
75 लाख के बांड ने रोकी रेलवे की नौकरी, डॉक्टर ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
बिलासपुर में दो गुटों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, पथराव में पुलिसकर्मियों समेत कई घायल, 12 से ज्यादा हिरासत में
भिलाई स्टील प्लांट से 10 हजार करोड़ का लोहा चोरी: BJP विधायक का आरोप- 4 IPS, 3 IAS और 12 नेताओं की जेब में जा रही चोरी की कमाई
4.50 करोड़ फूंके, फिर भी राम वन गमन पथ पर छाया अंधेरा; चंपारण में तीन साल से सुविधाओं पर जड़े ताले
सूकर फार्म की दीवार में लाखों का घोटाला: 9 इंजीनियरों पर FIR, अफसरों को बचाने पुलिस पेश नहीं कर रही चालान
Raipur Breaking: राजधानी में 30 स्पा सेंटरों पर पुलिस की एक साथ दबिश, 100 से ज्यादा जवानों ने चलाया बड़ा जांच अभियान
शक्कर के बढ़ते दामों पर जिला प्रशासन सख्त, थोक-चिल्हर बाजारों की होगी निगरानी
शराब घोटाले की रकम से गोवा में होटल खरीदने के मामले में कारोबारी को नहीं मिली राहत, हाई कोर्ट का ईडी की कार्रवाई पर दखल से इनकार