सूकर फार्म की दीवार में लाखों का घोटाला: 9 इंजीनियरों पर FIR, अफसरों को बचाने पुलिस पेश नहीं कर रही चालान
अंबिकापुर। आरईएस (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) संभाग अंबिकापुर में सरकारी खजाने में सेंधमारी की कहानी अब पुलिसिया लेटलतीफी के इर्द-गिर्द घूम रही है। कोर्ट के सख्ती के बाद इस मामले में एफआईआर तो दर्ज हो चुकी, मगर इसके बाद पुलिस की कार्यवाही अचानक धीमी पड़ चुकी है। गोधनपुर निवासी रोहित सिंह का आरोप है कि पुलिस विभाग 9 इंजीनियरों और विभागीय अफसरों को बचाने में लगा है। इसी वजह से जानबूझकर न्यायालय में चालान (चार्जशीट) पेश करने की फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही।
यह पूरा मामला
घटना वर्ष 2022-23 की है। सकालो स्थित पशुपालन विभाग के सूकर फार्म के लिए 450 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल का निर्माण होना था। इसके लिए 16.75 लाख रुपए की लागत तय की गई थी। इस निर्माण का जिम्मा मेसर्स आशीर्वाद कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार दीपांशु राज को 30.35 प्रतिशत कम दर पर सौंपा गया। कम दर पर ठेका लेने के बाद मुनाफे का जो खेल शुरू हुआ, उसमें ठेकेदार से लेकर सरकारी अधिकारी तक शामिल हो गए।
विभागीय जांच में जो खुलासे हुए, वह निर्माण कार्यों में होने वाली लूट-खसोट का जीता-जागता नमूना है। अफसरों और ठेकेदार की आपसी मिलीभगत से निर्माण स्थल पर 12 एमएम मोटी छड़ की जगह 10 एमएम की कमजोर छड़ लगा दी गई। कागजों में 131 कॉलम खड़े कर दिए गए, मगर मौके पर गिनती की गई तो महज 50 कॉलम ही मिले। बाकी के कॉलम सिर्फ फाइलों में ही तन गए। फर्जी भुगतान की जल्दबाजी ऐसी थी कि कॉइल तार के नाम पर 60 हजार का खर्च बिना किसी प्राक्कलन के 7.17 लाख रुपए बताकर पास कर दिया गया।
शिकायतकर्ता रोहित सिंह का आरोप है कि भ्रष्टाचार के पक्के सबूत और न्यायालय के निर्देश के बावजूद पुलिस मामले में चार्जशीट दायर करने से कतरा रही है। उनका कहना है कि पुलिस का यह ढुलमुल रवैया सिर्फ इसलिए है ताकि आरोपी अधिकारियों को किसी भी तरह से अभयदान दिया जा सके। जब निर्माण कार्य में हुई गड़बड़ी विभागीय जांच में पूरी तरह प्रमाणित हो चुकी है, तो फिर न्यायालय में चालान पेश करने में देरी का कारण समझ से परे है।
इन पर दर्ज हुई FIR
गांधीनगर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर निम्न लोगों के खिलाफ IPC की धारा 420, 409, 467, 468, 471, 120B के तहत मामला दर्ज किया है।
- दीपांशु राज – प्रोप्राइटर, मेसर्स आशीर्वाद कंस्ट्रक्शन
- उपेंद्र सिंह सेंगर - तत्कालीन सहायक अभियंता
- विवेक प्रताप सिंह राठौर - उप अभियंता, RES अंबिकापुर
- आर.पी. कुटार – EE, RES अंबिकापुर
- डी.के. मिंज – SDO, RES उप संभाग लखनपुर
- शैलेंद्र भारती - SDO, उप संभाग उदयपुर
- अविनाश राज सिन्हा - सब इंजीनियर, जनपद पंचायत लखनपुर
- जी.एम. सिंह – SE, RES सरगुजा मंडल
- मानस गुप्ता - SDO, RES सरगुजा मंडल
- फरहत खान - सब इंजीनियर, RES सरगुजा मंडल
