बिलासपुर में दो गुटों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, पथराव में पुलिसकर्मियों समेत कई घायल, 12 से ज्यादा हिरासत में
बिलासपुर : जिला मुख्यालय के कोतवाली क्षेत्र में पुराने विवाद को लेकर शुक्रवार रात दो गुट आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों तरफ से जमकर पथराव हुआ। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और भारी संख्या में बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान करीब एक दर्जन पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के करीब 50 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शनिवार शाम तक 12 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। पुलिस ने फिलहाल किसी भी आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज से उपद्रवियों की पहचान
स्थिति नियंत्रण में आने के बाद पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी है। ड्रोन कैमरों से मिले फुटेज, क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो की जांच की जा रही है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पथराव और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं। एसीसीयू सहित एसएसपी द्वारा गठित कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
दूसरे दिन कलेक्टर-एसएसपी ने निकाला फ्लैग मार्च
घटना के दूसरे दिन कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही दुकानदारों से सामान्य दिनों की तरह दुकानें खोलने को कहा गया। घटना के बाद बनी दहशत का असर इलाके में नजर आया। जूनी लाइन और खपरगंज की ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। सदर बाजार और तेलीपारा रोड पर भी सामान्य दिनों की अपेक्षा कम भीड़ दिखाई दी।
खपरगंज और 24 खोली में जमकर तोड़फोड़
हिंसा के दौरान खपरगंज से लेकर तेलीपारा रोड तक कई जगह तोड़फोड़ की गई। घरों के बाहर खड़ी 15 से ज्यादा गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। 24 खोली इलाके में कुछ घरों पर पथराव कर खिड़कियों के शीशे तोड़ने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, एक दुकान में आग लगाने की कोशिश भी की गई, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया। पथराव में घायल दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेख सुल्तान को सिम्स और अख्तर मोहम्मद को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
पुराने विवाद से जुड़ा है मामला
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों गुटों के युवकों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। शुरुआती तौर पर इसे निजी विवाद बताया जा रहा है, जो बाद में गुटबाजी में बदल गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट और टिप्पणियों ने तनाव को और बढ़ा दिया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच जनवरी से ही विवाद की स्थिति बनी हुई थी। शुक्रवार रात दोनों पक्ष आमने-सामने आए और विवाद बढ़ते-बढ़ते पथराव तक पहुंच गया।
नरेश साहू की मौत के बाद शुरू हुआ था विवाद
मामले की पृष्ठभूमि में करीब आठ महीने पुराना विवाद भी सामने आया है। मुंगेली के बामपारा निवासी 19 वर्षीय नरेश साहू सरकंडा के चिंगराजपारा स्थित गणेश चौक में रहकर निजी नौकरी करता था। वह एक हिंदू संगठन से भी जुड़ा हुआ था। आरोप है कि सोहेल खान और उसके एक साथी ने नरेश को रास्ते में रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी थी। नरेश ने इस मामले की शिकायत कोतवाली थाने में की थी। इसके बाद वह अपने घर मुंगेली चला गया, जहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में नरेश ने अपनी मौत के लिए सोहेल खान को जिम्मेदार बताया था। उसने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। घटना के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने सिटी कोतवाली थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने सोहेल खान के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ा तनाव
मौजूदा विवाद को सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट और उस पर की गई टिप्पणियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी की गई थी। इस पोस्ट को लेकर एक पक्ष ने आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर बहस और तनाव बढ़ने की बात सामने आई। शुक्रवार रात यही विवाद आमने-सामने की स्थिति में बदल गया और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया।
धारा 144 के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। एएसपी और सीएसपी के नेतृत्व में पुलिस बल को प्रमुख एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर तैनात किया गया। विशेष शाखा और एलआईबी की टीमें भी स्थिति पर नजर रखती रहीं। धारा 144 लागू होने के कारण इलाके में समूह में लोगों के एकत्र होने पर रोक रही। खपरगंज और आसपास के इलाकों में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। शाम के समय कुछ गतिविधियां नजर आईं, लेकिन अंधेरा होते ही ज्यादातर लोग अपने घरों में चले गए। कलेक्टर और एसएसपी लगातार अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेते रहे। संभागायुक्त सुनील जैन और आईजी रामगोपाल गर्ग ने भी सिटी कोतवाली थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एसएसपी ने अधिकारियों की बैठक लेकर रातभर पेट्रोलिंग और संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखने के निर्देश दिए।
दोषियों की पहचान कर की जा रही कार्रवाई
बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि कोतवाली क्षेत्र में दो गुटों के बीच पथराव की घटना को लेकर मामला दर्ज किया गया है। दोनों पक्षों के लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की जा रही है। घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। पुलिस ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल कर ली है।
प्रशासन ने कहा- अफवाहों पर ध्यान न दें
संभागायुक्त सुनील जैन ने कहा कि मूल रूप से दो लोगों का निजी विवाद था, जिसे अनावश्यक रूप से गुटबाजी का रूप दे दिया गया। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बहाल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक, युवकों के बीच पुरानी रंजिश को अनावश्यक रूप से सामुदायिक रंग दिया गया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और विषम परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला। पथराव में टीआई समेत करीब नौ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। एसएसपी ने शहरवासियों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
