छत्तीसगढ़ में हिमाचल, पंजाब, गुजरात और असम से बुखार और शुगर की आ रहीं नकली दवाइयां, 3 महीने में खाद्य एवं औषधि विभाग ने पकड़ी 7 अमानक दवाएं
छत्तीसगढ़ में हिमाचल, पंजाब, गुजरात और असम से बुखार और शुगर की आ रहीं नकली दवाइयां, 3 महीने में खाद्य एवं औषधि विभाग ने पकड़ी 7 अमानक दवाएं
छत्तीसगढ़ में हिमाचल, पंजाब, गुजरात और असम से नकली व अमानक दवाएं पहुंच रही हैं। खाद्य एवं औषधि विभाग ने 3 महीने में 100 से ज्यादा दवाओं की जांच कर 7 दवाओं में मिलावट पकड़ी है, जो बुखार, शुगर और एंटीबायोटिक इलाज में इस्तेमाल हो रही थीं। इन दवाओं के बैच प्रदेश में बैन कर दिए गए हैं और कंपनियों को वापस मंगाने के आदेश जारी किए गए हैं।
रायपुर: पिछले तीन महीनों में खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गुजरात और असम से नकली व अमानक दवाएं आ रही हैं। विभाग ने 100 से अधिक दवाओं की जांच की, जिनमें से बुखार, डायबिटीज और एंटीबायोटिक जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली 7 दवाओं में मिलावट पाई गई है। विभाग ने जांच में पाया है कि ये जिस इलाज के लिए दी जा रही हैं, उनका असर भी मरीज पर नहीं हो रहा होगा। मरीज को फायदे की जगह यह नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। यही वजह है कि इन दवाइयों के बैच नंबर को प्रदेश में बैन कर दिया गया है। दवा कंपनियों को तत्काल इन दवाओं को वापस ले जाने के लिए भी कहा गया है।
एक ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में दवा कंपनियां न के बराबर हैं। इसलिए हिमाचल, पंजाब, गुजरात और असम के लिए 'छत्तीसगढ़', सबसे सॉफ्ट टारगेट रहता है। यहां हर साल करीब 100 करोड़ रुपए से अधिक की नकली और मिलावटी दवाइयां पकड़ी जाती हैं। छत्तीसगढ़ में हर ड्रग इंस्पेक्टर को महीने में दो सैंपल लेना अनिवार्य है। इसी क्रम में इन सातों दवाओं को भी जांच के लिए भेजा गया। इसमें एजीथ्रोमाइसिन में जो ड्रग बताए गए थे, उनकी मात्रा कम मिली। वाइल्डमैड में तो लेवल ही गलत लगाया हुआ था।
इन सातों के सैंपल फेल होने के बाद विभाग ने संबंधित राज्यों को पत्र लिखकर इन कंपनियों पर प्रशासनिक कार्रवाई करने के लिए लिखा है। साथ ही कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर को इस बैच की सारी दवाइयां कंपनी को वापस करने के भी आदेश दिए गए हैं। सभी मेडिकल स्टोर को अलर्ट भी जारी किया गया है कि इस बैच की दवा मिली तो कार्रवाई होगी।
इन कंपनियों से आईं दवाएं
- रिकसॉन रेमेडीज, एमजी लेन, अहमदगढ़, पंजाब
- ब्रिंदावन ग्लोबल, लोधीमजरा, बद्दी, सोलन, हिमाचल प्रदेश
- क्यूक्सोटिक फार्मा, औद्योगिक क्षेत्र, मोहाली, पंजाब
- आईएचईएएल फार्मास्यिूटिकल, झारमजरी, बद्दी, सोलन, हिमाचल
- इनोवा कैप टैब लिमिटेड, झारमजरी, बद्दी, सोलन, हिमाचल
- ओजोन फार्मास्यूटिकल लिमिटेड, अमीनगांव, गुवहाटी, असम
- डिवाइन लेबोरेट्रीज, पद्रा, बडोदरा, गुजरात
