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योगा के साथ...7 साल तक वीडियो कॉल, ट्रांसफर की धमकी और अब सबूतों के बाद भी डांगी साहब पर कार्रवाई नहीं .....
रायपुर। प्रदेश के पुलिस महकमे और थानों में इन दिनों बस एक ही गपशप है- 'इस बार साहब बुरे फंसे हैं।' मामला किसी छोटे-मोटे अफसर का नहीं, बल्कि चंद्रखुरी पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी के पूर्व डायरेक्टर और सीनियर IPS अधिकारी रतन लाल डांगी का है। छत्तीसगढ़ के एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी ने उन पर पिछले 7 साल से शारीरिक और मानसिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है।
महिला ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय (PHQ) में शिकायत दर्ज कराई है। उसने मीडिया और PHQ को जो वीडियो और स्क्रीनशॉट सौंपे हैं, वो किसी भी साहब को सीधा जेल की हवा खिलाने के लिए काफी हैं। इधर, खुद को घिरता देख IPS डांगी ने बचाव का पैंतरा चला है। उन्होंने DGP को लेटर लिखकर खुद को 'ब्लैकमेलिंग' का शिकार बताया है। लेकिन सवाल ये उठ रहा है कि जो महिला 7 साल से शोषण का शिकार थी, वो सबूत सामने आते ही अचानक ब्लैकमेलर कैसे हो गई?
थाने के अंदर से: "साहब के योगासनों की पोल खुल गई"
प्रदेश के थानों के मुंशी से लेकर टीआई तक के केबिन में दबी जुबान में यही चर्चा है कि जब इतने रसूखदार साहब ही सुरक्षित नहीं, तो आम पुलिसवालों का क्या होगा। एक तरफ वो IPS अफसर हैं, जो सोशल मीडिया पर अपनी फिटनेस और योगा की तस्वीरें डालकर युवाओं के रोल मॉडल बनते हैं, और दूसरी तरफ एक SI की पत्नी है, जिसने साहब के सारे कथित 'योगासनों' की पोल खोल कर रख दी है। महिला के दावों और सुबूतों ने पूरे पुलिस महकमे को निर्वस्त्र सा कर दिया है।
टेक्निकल और लीगल शिकंजे में ऐसे घिरे आईपीएस डांगी
अगर इस मामले को कानूनी (Technical Legal) नजरिए से देखें, तो आईपीएस डांगी चारों खाने चित नजर आते हैं: पद और रसूख का दुरुपयोग: महिला का सीधा आरोप है कि डांगी राजनांदगांव और सरगुजा में IG रहने के दौरान अपनी पत्नी की गैर-मौजूदगी में उसे घर बुलाते थे। नहीं आने पर पति के ट्रांसफर की धमकी देते थे। यह सीधे तौर पर आईपीसी/बीएनएस के तहत 'अधिकार क्षेत्र का गलत इस्तेमाल कर यौन शोषण' का गंभीर अपराध है।
डिजिटल सुबूतों का जाल (IT Act): महिला ने जो वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट दिए हैं, वो प्राइमरी एविडेंस (प्राथमिक साक्ष्य) हैं। फोरेंसिक जांच में अगर ये सही साबित हुए, तो डांगी का कानूनी तौर पर बचना लगभग नामुमकिन है।
खुद का कबूलनामा: डांगी ने DGP को लिखे पत्र में माना है कि महिला ने उनके 'निजी पलों' के स्क्रीनशॉट ले लिए हैं। यानी संपर्क और वीडियो कॉल की बात तो साहब खुद मान रहे हैं। इसे केवल 'ब्लैकमेलिंग' का कवर पहनाने की कोशिश की जा रही है।
बचाव का अजब पैंतरा: 8 घंटे की लाइव लोकेशन!
साहब का लेटर भी किसी कॉमेडी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। डांगी का कहना है कि महिला शर्त रखती थी कि वो अपनी पत्नी के साथ न बैठें, बालकनी में सोएं, रात 10 बजे के बाद वीडियो कॉल पर रहें और 8 घंटे की लाइव लोकेशन भेजें!
थोड़ा सोचिए: एक आम आदमी अपनी बीवी को 10 मिनट की लाइव लोकेशन देने में कांप जाता है, और एक सीनियर IPS अफसर एक SI की पत्नी को 8 घंटे की लोकेशन भेज रहा था? यहां दाल में कुछ काला नहीं, पूरी दाल ही काली नजर आ रही है।) साहब का आरोप है कि महिला ने अपने पति के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची है और जहर खाने की धमकी देकर परिवार तोड़ने की कोशिश कर रही है।
शुरुआत कैसे हुई?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला और डांगी की मुलाकात 2017 में हुई थी। तब डांगी एसपी थे। पहले सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू हुई, फिर महिला वीडियो कॉल पर अधिकारी को 'योग' सिखाने लगी। इसके बाद जब डांगी राजनांदगांव, सरगुजा और फिर चंद्रखुरी पहुंचे, तो यह सिलसिला कथित तौर पर प्रताड़ना और दबाव में बदल गया।
सिस्टम का दोहरा रवैया और 'सुशासन' पर सवाल
इस मामले ने प्रदेश के पुलिस महकमे की फुर्ती और 'सुशासन' के दावों की भी पोल खोल दी है। हाल ही में दीपक टंडन मामले में पुलिस ने बिना किसी जांच के डीएसपी (DSP) कल्पना वर्मा को तुरंत सस्पेंड कर दिया था। लेकिन जब बात एक सीनियर IPS की आई, तो अब तक कार्रवाई के नाम पर फाइलें ही घूम रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि "चाहे IPS हो या IAS, दोष सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई होगी।" लेकिन जनता पूछ रही है कि जब सुबूत सामने हैं, तो साहब पर एक्शन कब होगा?
विवादों से पुराना है साहब का नाता
आईपीएस डांगी का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। बस्तर का सागौन कनेक्शन: पुलिस महकमे के सूत्रों के अनुसार, बस्तर में पदस्थापना के दौरान उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने 13 ट्रक सागौन की कीमती लकड़ी से फर्नीचर बनवाकर राजस्थान के अपने पैतृक गांव भेज दिया। इस बड़े मामले की आज तक कोई पारदर्शी जांच नहीं हुई।
कोरबा चिमनी हादसा (2009): वेब रिकॉर्ड्स खंगालने पर पता चलता है कि 2009 में जब डांगी कोरबा के एसपी थे, तब वहां एक बहुत बड़ा चिमनी हादसा हुआ था जिसमें दर्जनों मजदूरों की जान गई थी। उस वक्त भी प्रशासनिक लापरवाही और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे थे।उस वक्त एक मातहत बेहद चर्चित दलाल ti जिसका कोरबा मोह जगजाहिर है के साथ इनके द्वारा उसी को माध्यम बनाकर करोड़ों की अवैध वसूली का खूनी खेल मुर्दों के नाम पर खेला गयाडांगी यौन शोषण मामला सामने के बाद शर्मा ti ने पीडिता कि छोटी बहन से षड्यंत कर झूठा आरोप लगवाया था।इस मामले में भी दलाल टी आई का नाम उछला था
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
