Balod News: सड़क किनारे फेंके गए हजारों एक्सपायर्ड बिस्किट, गाय-कुत्ते खा रहे पैकेट; ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। चिखलाकसा नगर पंचायत क्षेत्र में सड़क किनारे हजारों एक्सपायर्ड बिस्किट के पैकेट खुले में फेंके मिले हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मौके पर गाय और आवारा कुत्ते इन बिस्किटों को खाते दिखाई दिए, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका जताई जा रही है। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सड़क किनारे बिखरे मिले सैकड़ों पुड़े
जानकारी के अनुसार, चिखलाकसा–सिंगनवाही मार्ग पर प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय से करीब 50 मीटर पहले, बरसाटोला रोड की कच्ची सड़क के किनारे बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड बिस्किट के पैकेट पड़े मिले। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर करीब 400 से 500 पुड़े फेंके गए थे। एक पुड़े में लगभग 12 पैकेट होने के कारण कुल संख्या करीब 6 हजार पैकेट होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
गाय और कुत्ते खा रहे थे एक्सपायर्ड बिस्किट
ग्रामीणों ने बताया कि फेंके गए बिस्किट जुबिलो और मोई-मोई ब्रांड के बताए जा रहे हैं। कई पैकेट फट चुके थे और गाय व आवारा कुत्ते उन्हें खाते हुए नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में इस तरह एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री फेंकना न केवल पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी है, बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
कई पैकेटों पर महीनों पुरानी एक्सपायरी डेट
ग्रामीणों ने कुछ पैकेट खोलकर देखे तो उन पर 6 फरवरी 2026, 19 फरवरी 2026 और 10 मई 2026 की एक्सपायरी डेट अंकित मिली। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री खुले में किसने और किस उद्देश्य से फेंकी।
ग्रामीणों ने उठाई जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन पैकेटों को नहीं हटाया गया, तो पशुओं के साथ-साथ आसपास के पर्यावरण पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर यह पता लगाया जाए कि एक्सपायर्ड बिस्किट किसके द्वारा यहां फेंके गए। साथ ही दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
