DMF घोटाला: ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई, 6000 पन्नों की चार्जशीट पेश, IAS रानू साहू, सौम्या चौरसिया और सूर्यकांत तिवारी समेत 9 को बनाया आरोपी
खनिज विकास की योजनाओं की रकम में भारी घोटाला, अफसरों-राजनीतिज्ञों की मिलीभगत से सरकारी खजाने से निकाले गए करोड़ों रुपए – EOW की चार्जशीट ने खोली भ्रष्टाचार की परतें
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ACB-EOW) ने रायपुर की विशेष अदालत में 6000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू, मुख्यमंत्री की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया, और खनन कारोबारी सूर्यकांत तिवारी समेत 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
3 मार्च 2025 को कोयला परिवहन अवैध वसूली (कोल घोटाले) में सुप्रीम कोर्ट ने रानू साहू, सौम्या चौरसिया और सूर्यकांत तिवारी समेत 12 आरोपियों को अंतरिम जमानत दी थी। लेकिन DMF मामले में EOW ने पहले ही प्रोडक्शन वारंट के जरिए तीनों को फिर से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद NGO सचिव मनोज कुमार द्विवेदी की गिरफ्तारी भी हुई।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच कर रहा है। ED और EOW दोनों की जांच में यह सामने आया है कि जिला खनिज निधि (DMF) के करोड़ों रुपए की गड़बड़ी की गई। आरोप है कि राज्य सरकार के अधिकारियों, नेताओं और ठेकेदारों की मिलीभगत से योजनाओं के नाम पर सरकारी खजाने से बड़ी रकम निकाली गई।
ED ने अब तक इस मामले में 23.79 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें रानू साहू, माया वॉरियर, मनोज द्विवेदी सहित कई आरोपियों की संपत्तियाँ शामिल हैं। इसके अलावा कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर, सूरजपुर, बलरामपुर, बैकुंठपुर और बालोद जिलों में भी ED की छापेमारी हुई थी। पूर्व मंत्री अनिला भेंडिया के प्रतिनिधि पीयूष सोनी, बैकुंठपुर जनपद CEO राधेश्याम मिर्झा और कोरबा के कांग्रेस नेता जेपी अग्रवाल के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई थी।
हाल ही में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में 4 स्थानों पर ED ने छापे मारे जहाँ से 1.11 करोड़ रुपए की नकदी, बैंक दस्तावेज और अन्य कागजात जब्त किए गए। इस मामले में अब तक जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें रानू साहू, माया वॉरियर, मनोज द्विवेदी, राधेश्याम मिर्झा, भुवनेश्वर सिंह राज, वीरेंद्र कुमार राठौर और भरोसा राम ठाकुर शामिल हैं। ये सभी रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं। वहीं, संजय शेंडे, ऋषभ सोनी और राकेश कुमार शुक्ला अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं।
