विधानसभा पर छात्रों का ‘महाघेराव’! बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े JPSC-JSSC अभ्यर्थी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब सड़क से विधानसभा की चौखट तक पहुंच गया है। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ आज बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स के सामने जमकर नारेबाजी की। कुछ जगहों पर छात्रों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
सुबह से विधानसभा की ओर बढ़ते रहे छात्र
विधानसभा घेराव के लिए छात्र देर रात से ही जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटना शुरू हो गए थे। सुबह होते-होते प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती गई और छात्र समूहों में विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
बैरिकेडिंग के सामने नारेबाजी, आगे बढ़ने की कोशिश
विधानसभा के आसपास पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की है। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स के सामने पहुंचकर नारेबाजी की और कुछ स्थानों पर उन्हें हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल को पूरी तरह अलर्ट रखा गया है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न कर पाएं और विधानसभा परिसर की सुरक्षा प्रभावित न हो।
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छात्रों के समर्थन में भाजपा विधायक भी मैदान में
छात्र आंदोलन के बीच भाजपा के विधायक भी उनके समर्थन में सामने आए। भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दिया। हालांकि, पुलिस ने बाद में विधायकों को वहां से हटा दिया। छात्रों के प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियों के चलते रांची में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और बढ़ गई है।
विधानसभा की सुरक्षा 6 लेयर में
प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के इलाके को अभेद सुरक्षा घेरे में रखा गया है। जानकारी के मुताबिक विधानसभा के मुख्य प्रवेश मार्ग पर करीब छह लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए रांची के अलावा दूसरे जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है। पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।
कंटीले तार से लेकर CCTV तक निगरानी
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए कई जगहों पर कंटीले तार और मजबूत बैरिकेडिंग की है। वहीं, आसपास लगे CCTV कैमरों के जरिए भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विधानसभा से करीब दो किलोमीटर के दायरे में वाटर कैनन भी तैनात किए गए हैं।
धारा 163 लागू, पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील
कानून-व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं।पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से निर्धारित क्षेत्र में रहने और शांति बनाए रखने की अपील कर रही है। प्रशासन की नजर भीड़ की गतिविधियों और संभावित संवेदनशील बिंदुओं पर बनी हुई है।
अब टकराव टालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन पहले ही कई दिनों से जारी है। वार्ता के बावजूद प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का रास्ता चुना है। अब राजधानी में एक तरफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र हैं, तो दूसरी तरफ विधानसभा की सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदर्शनकारियों की मांगों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखते हुए किसी भी टकराव को टालना है। फिलहाल, रांची की सियासत और छात्र आंदोलन दोनों की निगाहें विधानसभा के आसपास टिक गई हैं। आने वाले घंटों में प्रदर्शन किस दिशा में जाता है और सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह पूरे घटनाक्रम के लिए अहम होगा।
