मल्हार महोत्सव की बैठक में बवाल: महिला अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष को जड़ा थप्पड़

मामला महोत्सव के मद से जुड़ा...

मस्तूरी/मल्हार। नगर पंचायत मल्हार एक बार फिर अखाड़ा बन गया है। ऐतिहासिक मल्हार महोत्सव की तैयारी बैठक उस वक्त हंगामे की भेंट चढ़ गई जब नगर पंचायत अध्यक्ष धनेश्वरी केंवट ने अपनी ही पार्टी के नेता और उपाध्यक्ष जो पूर्व में सांसद अरुण साव के प्रतिनिधि भी रह चुके सुशील चौबे को सबके सामने तमाचा जड़ दिया। एसडीएम और जनपद सीईओ जैसे बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस घटना ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। विवाद की मुख्य वजह महोत्सव के लिए शासन से मिले 20 लाख रुपये के फंड का प्रबंधन और पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार करना बताया जा रहा है।

अफसरों के सामने हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा

Read More न्यायधानी बिलासपुर में शातिर की चाल: कार पर रखा 8 लाख का बैग लेकर फरार, कैमरे में कैद हुआ चेहरा

मल्हार महोत्सव के आयोजन को लेकर मल्हार विश्राम गृह में बुलाई गई इस बैठक में तब तनाव बढ़ गया जब पुरानी समिति के सदस्य सोनू तिवारी को कोई जिम्मेदारी न देने की बात उठी। जबकि 90 प्रतिशत पार्षद और लोग सोनू तिवारी को दायित्व देने के पक्ष में थे सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष धनेश्वरी केंवट चाहती थीं कि इस बार पूरा आयोजन उनके और उनके राजनीतिक गुरुओं हिसाब से हो। चर्चा के दौरान जब उपाध्यक्ष सुशील चौबे ने अपनी बात रखनी चाही, तो बहस इतनी बढ़ी कि अध्यक्ष ने आपा खो दिया और उन्हें थप्पड़ मार दिया। घटना के वक्त वहां मौजूद अधिकारी मूकदर्शक बने रहे।

Read More होली पर शराब की रिकॉर्ड खपत: रायपुर में 4 दिनों में 58 करोड़ से ज्यादा की शराब की बिक्री, विदेशी ब्रांड की बढ़ी मांग

पार्षदों को भी पीटने का प्रयास 

बैठक के दौरान नगर पंचायत मल्हार वार्ड नंबर 5 के पार्षद को भी महिला अध्यक्ष ने पीटने का प्रयास किया लेकिन पार्षद के रौद्र रुख को देख कर महिला उल्टे पैर वापस हो गई

Screenshot_20260313_161441_Gallery

विवादों से पुराना नाता: पहले सीएमओ को दी थी धमकी

यह पहला मौका नहीं है जब धनेश्वरी केंवट विवादों में घिरी हैं। इससे पहले भी वह और उनके पति धनेश्वर केंवट चर्चा में रहे थे। कुछ समय पूर्व एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें अध्यक्ष पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) के साथ गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगे थे। उस दौरान भी विवाद की जड़ कमीशनखोरी और पैसों का लेन-देन ही बताया गया था।

इस पूरे विवाद के पीछे की 3 बड़ी वजहें

  20 लाख का बजट: शासन ने मल्हार महोत्सव के लिए 20 लाख रुपये का फंड जारी किया हैं। इस राशि को खर्च करने और ठेके दिलाने को लेकर खींचतान चल रही है।

 वर्चस्व की लड़ाई: अध्यक्ष और उनके राजनीतिक गुरु अपने स्तर पर महोत्सव करवाना चाहते हैं, जबकि उपाध्यक्ष और पुरानी टीम (सोनू तिवारी गुट) का अनुभव प्रशासन की प्राथमिकता में था।

  संरक्षण: बताया जाता है कि महिला अध्यक्ष को जिले के एक प्रभावशाली पदाधिकारी और स्थानीय राजकुमार वर्मा का संरक्षण प्राप्त है। यह वही नेता है जिसने एक वर्ष पूर्व स्थानीय विधायक को गाली दी थी।मगर गुटबाजी के चलते और लेनदेन के कयासों के बीच फिर से पार्टी का पदाधिकारी बन गया। मिली जानकारी के अनुसार राजकुमार वर्मा पर आपराधिक मामले भी दर्ज है और वह इन मामलों में फरारी में है। मगर कार्यवाही न होने से उसकी दबंगई बढ़ती जा रही है।

Screenshot_20260313_155326_Samsung Notes

नेताओं के मोहरे के रूप में इस्तेमाल की बात 

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि धनेश्वरी केंवट की राजनीतिक पृष्ठभूमि कमजोर होने का फायदा कुछ बड़े नेता उठा रहे हैं। वे उन्हें ढाल बनाकर अपनी राजनीति चमका रहे हैं और आर्थिक लाभ भी ले रहे हैं। यही वजह है कि प्रशासनिक बैठकों में भी मारपीट जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं।सूत्रों के अनुसार के पूरे मामले की जानकारी के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दे दी गई है। और पार्टी बड़ी कार्यवाही की तैयारी में है।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

फार्मेसी काउंसिल रजिस्ट्रार नियुक्ति पर हाईकोर्ट की सख्ती: राज्य सरकार का आदेश रद्द, नई भर्ती की अनुमति

राज्य

पुलिस लाइन में फूड प्वाइजनिंग का मामला: 100 से ज्यादा जवान बीमार, अस्पताल में मचा हड़कंप पुलिस लाइन में फूड प्वाइजनिंग का मामला: 100 से ज्यादा जवान बीमार, अस्पताल में मचा हड़कंप
बांका। बिहार के बांका जिले की पुलिस लाइन में शुक्रवार को अचानक फूड प्वाइजनिंग की घटना सामने आने से अफरा-तफरी...
अलविदा जुमे की नमाज पर यूपी में हाई अलर्ट: ड्रोन से निगरानी, कमांडो और PAC तैनात, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा
दूध बेचने के लिए अब लाइसेंस अनिवार्य: मिलावट पर लगाम के लिए FSSAI की सख्ती, बिना रजिस्ट्रेशन कारोबार पर होगी कार्रवाई
अनिल अंबानी के रिलायंस समूह पर ED का बड़ा एक्शन: 581 करोड़ की संपत्तियां जब्त, कई राज्यों में जमीन कुर्क
पीरियड्स लीव पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: सुनवाई से किया इनकार, कहा- अनिवार्य करने पर महिलाओं के रोजगार पर पड़ सकता है असर