रायपुर में ड्रग्स क्वीन के रसूखदार कनेक्शन पर बड़ा खुलासा: ईडी की एंट्री से उड़ी रईसजादों और शराब कारोबारियों की नींद, विधायक का बेटा भी रडार पर
रायपुर। राजधानी रायपुर की हाई-प्रोफाइल टेक्नो पार्टियों में कोकीन का नशा घोलने वाली 'ड्रग्स क्वीन' नव्या मलिक के मामले में अब एक बड़ा धमाका हुआ है। गंज थाने से शुरू हुई यह पुलिस जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हाथों में जाने वाली है। इस केस में ईडी की एंट्री की खबर लगते ही शहर के कई सफेदपोश नेताओं, बड़े शराब कारोबारियों और अफसरों के बीच हड़कंप मच गया है।
ईडी ने रायपुर पुलिस कमिश्नर को एक पत्र लिखकर गंज थाने में दर्ज एफआईआर और चार्जशीट की पूरी कॉपी मांग ली है। अब यह मामला सिर्फ चंद ग्राम ड्रग्स पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि ईडी अब इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और इंटरनेशनल ड्रग्स तस्करी (स्मगलिंग) के एंगल से अपनी गहरी जांच शुरू करेगी।
शराब कारोबारियों और नेताओं संग विदेश के दौरे
पुलिस की अब तक की जांच में नव्या मलिक को लेकर जो बातें सामने आई हैं, वो चौंकाने वाली हैं। पता चला है कि इस पूरे गिरोह की मास्टरमाइंड नव्या तुर्की और ईरान समेत कई देशों की यात्राएं कर चुकी है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इन विदेशी दौरों में वो अकेली नहीं थी, बल्कि राज्य के कुछ बड़े शराब कारोबारी और रसूखदार नेता भी उसके साथ इन यात्राओं में शामिल थे। अब ईडी की टीम यह खंगालेगी कि इन यात्राओं का खर्च किसने उठाया और विदेशों में कौन सी डील पक्की की गई।
2000 बैंक खाते और 10-10 लाख की कोकीन खरीदी
इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क में करोड़ों रुपए का काला खेल हुआ है। पुलिस ने जब विधि, नव्या और गिरोह के अन्य लोगों के 2 हजार से ज्यादा बैंक खातों की कुंडली निकाली, तो उसमें कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले।
जांच के बाद 320 संदिग्ध लोगों की एक लिस्ट तैयार की गई है। इस लिस्ट में जो नाम हैं, वो सत्ता के गलियारों में तूफान ला सकते हैं। इसमें एक विधायक के बेटे, उनके भतीजे, एक पार्षद के करीबी रिश्तेदार और शहर के कुछ बड़े अधिकारियों के बच्चों के नाम साफ-साफ सामने आए हैं। पुलिस के हाथ ऐसे पक्के सबूत लगे हैं जिनसे पता चलता है कि इनमें से कई लोगों ने 10-10 लाख रुपए तक के ड्रग्स खरीदे थे।
फाफाडीह ओवरब्रिज से ऐसे खुला था राज
आपको बता दें कि इस पूरे हाई-प्रोफाइल कोकीन सिंडिकेट का पर्दाफाश 23 अक्टूबर 2025 को हुआ था। क्राइम ब्रांच की टीम ने फाफाडीह ओवरब्रिज के नीचे एक सटीक सूचना पर छापा मारा था। वहां से मोनू बिश्नोई, हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी लेने पर उनके पास से 27.58 ग्राम कोकीन मिली थी। इन्हीं तीनों की गिरफ्तारी के बाद कड़ियां जुड़ती गईं और 'नव्या मलिक गिरोह' का सच सामने आ गया।अब देखना यह है कि ईडी की जांच शुरू होने के बाद उन बड़े चेहरों पर कब गाज गिरती है, जो अब तक पर्दे के पीछे से इस काले कारोबार का हिस्सा बने हुए थे।
