शराब घोटाले में बड़ा खुलासा मोटे कमीशन के लिए कारोबारियों ने बनाया सिंडीकेट चार साल बाद अवैध शराब सप्लाई वाले 16 ट्रक जब्त

शराब घोटाले में बड़ा खुलासा मोटे कमीशन के लिए कारोबारियों ने बनाया सिंडीकेट चार साल बाद अवैध शराब सप्लाई वाले 16 ट्रक जब्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी ईओडब्ल्यू ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जांच एजेंसी ने अवैध शराब की सप्लाई करने वाली दो बड़ी डिस्टलरियों की 16 गाड़ियों को जब्त कर लिया है। ये गाड़ियां पिछले चार साल से छिपाकर रखी गई थीं। आरोप है कि ये सभी ट्रक भाटिया डिस्टलरी और वेलकम डिस्टलरी से बिना टैक्स चुकाए अवैध शराब लेकर निकलते थे और सीधे सरकारी शराब दुकानों तक पहुंचाते थे। इस कार्रवाई के बाद शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर जिले के कोटा में वेलकम डिस्टलरी और मुंगेली जिले के सरगांव में भाटिया वाइंस डिस्टलरी स्थित है। इन दोनों फैक्ट्रियों में सरकार की बिना अनुमति के तय लिमिट से ज्यादा शराब का उत्पादन किया जाता था। इसके बाद इस अवैध शराब को गुपचुप तरीके से सप्लाई किया जाता था। इस प्रक्रिया में सरकार को मिलने वाला सर्विस चार्ज और ड्यूटी चार्ज पूरी तरह से डकार लिया गया। एजेंसी ने जिन 16 गाड़ियों को पकड़ा है उनमें वेलकम डिस्टलरी की 8 और भाटिया वाइंस डिस्टलरी की 8 गाड़ियां शामिल हैं। अब जांच अधिकारी इन गाड़ियों के असली मालिकों की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।
अवैध शराब की ट्रांसपोर्टिंग के लिए कारोबारियों ने चालाकी से काम किया। इन डिस्टलरियों में शराब सप्लाई के लिए नई गाड़ियां खरीदी गई थीं लेकिन ये गाड़ियां फैक्टरी मालिकों के नाम पर नहीं थीं। जांच में पता चला है कि ट्रकों की खरीदी फैक्टरी में काम करने वाले छोटे कर्मचारियों और उनके करीबियों के नाम पर की गई थी। उदाहरण के लिए बॉटलिंग का काम करने वाले एक कर्मचारी जिसका वेतन सिर्फ 15 हजार रुपये है उसके नाम पर 10 चक्का ट्रक खरीद लिया गया। इसी तरह सुरक्षा गार्ड और अन्य कर्मचारियों के नाम पर भी गाड़ियां निकाली गईं।
इस हजारों करोड़ रुपये के आबकारी घोटाले की जांच ईडी और ईओडब्ल्यू मिलकर कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि दोनों ही जांच एजेंसियों ने अब तक राज्य में किसी भी डिस्टलरी मालिक को गिरफ्तार नहीं किया है। जबकि दोनों एजेंसियों की चार्जशीट में साफ हो चुका है कि डिस्टलरियों से तीन साल के भीतर 2200 करोड़ रुपये की अवैध शराब सप्लाई की गई है। तीनों डिस्टलरी के मालिक सीधे तौर पर सिंडीकेट का हिस्सा रहे हैं और उन्हें करोड़ों रुपये का कमीशन भी मिला है। दूसरी तरफ झारखंड की एंटी करप्शन ब्यूरो ने वेलकम डिस्टलरी के मालिक राजेंद्र जायसवाल उर्फ छुन्त्री और छत्तीसगढ़ डिस्टलरी के मालिक नवीन केडिया को गिरफ्तार कर लिया है। भाटिया वाइंस के मालिक भूपेंद्र सिंह भाटिया की तलाश जारी है।
यह पूरा सिस्टम बहुत ही सुनियोजित तरीके से चल रहा था। पिछले तीन साल के दौरान 60 लाख 5 हजार शराब की पेटियों की अवैध सप्लाई की गई। इस पूरे खेल में सिंडिकेट को 2200 करोड़ रुपये का कमीशन मिला। यह कमीशन प्रति पेटी के हिसाब से तय होता था और इसे नीचे से लेकर ऊपर बैठे बड़े रसूखदारों तक बांटा जाता था।
कमीशन के बंटवारे का पूरा गणित एजेंसियों ने सुलझा लिया है। अवैध शराब की हर एक पेटी पर 600 रुपये का कमीशन डिस्टलरी को मिलता था। इस काले कारोबार में अनवर और अनिल को प्रति पेटी 300 रुपये का कमीशन दिया जाता था। सरकारी तंत्र को चुप रखने के लिए आबकारी अधिकारियों का हिस्सा तय था जिन्हें हर पेटी पर 150 रुपये मिलते थे। विकास और अरविंद को 100 रुपये का कमीशन दिया जाता था। सबसे बड़ा हिस्सा यानी 2540 रुपये प्रति पेटी सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और राजनेताओं को जाता था।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का दावा है कि इस मामले में डिस्टलरी मालिकों की भूमिका की अलग से जांच चल रही है। इसी कड़ी में सबूत जुटाने के लिए अवैध ट्रांसपोर्टिंग करने वाली इन 16 गाड़ियों को जब्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अब फैक्टरियों के सभी डायरेक्टर की भूमिका की जांच की जा रही है। बहुत जल्द इन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Error on ReusableComponentWidget
Tags:

Latest News

रतनपुर थाने में DGP का एक्शन, पुलिसिंग का लिया जायजा, तकनीक से जवाबदेही तक व्यवस्था सुधारने पर जोर रतनपुर थाने में DGP का एक्शन, पुलिसिंग का लिया जायजा, तकनीक से जवाबदेही तक व्यवस्था सुधारने पर जोर
‘पहले हमारी सुनो, फिर हटेंगे’… एकलव्य स्कूल में बढ़ता विवाद! महीने में तीसरी बार छात्रों का प्रदर्शन, कोरबा-कटघोरा मार्ग ठप
सड़कों पर मवेशी, हादसों का डर… अब पशुओं को लेकर प्रशासन के दरवाजे पहुंचे ग्रामीण, अफसर रह गए हैरान!
बिलासपुर स्टेशन पर शुरू हुई बाइक रेंटल सेवा, यात्रियों का सफर होगा आसान
अंबिकापुर में किराए के मकान में चल रही थी महुआ शराब की भट्ठी, 480 किलो लाहन जब्त
रायपुर की कन्या शाला में बदहाली का आलम: जर्जर छत, टूटती दीवारें और जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर छात्राएं
ED की अटैच संपत्तियों पर हाईकोर्ट की दो टूक, पहले अपनानी होगी PMLA की प्रक्रिया
राजनांदगांव में ईडी का बड़ा एक्शन: अलसुबह 6 बजे भोपाल-रायपुर की टीमों ने दी दबिश, नाहटा ग्रुप और भंसाली प्रतिष्ठान पर कार्यवाही
जिंदगी और नदी के बीच सिर्फ एक रस्सी! पुल के इंतजार में ट्यूब-बांस की नाव से नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण
Chhattisgarh Teachers Protest: शिक्षकों ने खोला TET के खिलाफ मोर्चा! बोले- अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मिले प्रमोशन, 18 अगस्त को सरकार को देंगे ज्ञापन
Dhamtari Triple Murder Verdict: तीन हत्याओं पर कोर्ट का बड़ा फैसला, 5 दोषियों को उम्रकैद; सजा के बाद आरोपियों पर बरसीं चप्पलें
जेल में Prajwal Revanna के पास मिला मोबाइल, 90 से ज्यादा अश्लील वीडियो का दावा; CCB खंगाल रही डिजिटल राज