बिना 10वीं-12वीं की मार्कशीट के बन गए सरकारी इंजीनियर! सर्विस बुक से रोल नंबर और डिग्री गायब, जल संसाधन विभाग में 'मुन्नाभाई' वाला खेल

बिना 10वीं-12वीं की मार्कशीट के बन गए सरकारी इंजीनियर! सर्विस बुक से रोल नंबर और डिग्री गायब, जल संसाधन विभाग में 'मुन्नाभाई' वाला खेल

जगदलपुर। आजकल एक चपरासी की नौकरी के लिए भी सरकारी दफ्तरों में दस बार मार्कशीट और सर्टिफिकेट की जांच होती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग में 'अंधेर नगरी' वाला सिस्टम चल रहा है। यहां बिना 10वीं-12वीं की मार्कशीट और बिना रोल नंबर के ही एक शख्स सीधे कार्यपालन अभियंता (ईई) की मलाईदार कुर्सी पर बैठ गया।

 जगदलपुर में पदस्थ इंजीनियर वेदप्रकाश पाण्डेय का यह कारनामा किसी को भी हैरत में डालने के लिए काफी है। जिस सर्विस बुक के दम पर साहब सालों से सरकारी तनख्वाह और रुतबे का मजा लूट रहे हैं, उसमें उनकी पढ़ाई-लिखाई का कॉलम पूरी तरह से गोलमोल और फर्जीवाड़े की गवाही दे रहा है।

हवा में पास कर ली 10वीं और 12वीं?

 

Read More CG News: PDS के स्टॉक में बड़ा झोल! 31.75 लाख का चावल-शक्कर-नमक मिला कम, एक फरार आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे

इंजीनियर साहब की सर्विस बुक का 'शैक्षणिक योग्यता' वाला हिस्सा देखकर ऐसा लगता है मानो साहब ने हवा में ही पढ़ाई कर ली हो और सीधे इंजीनियर की कुर्सी पर 'लैंडिंग' कर गए हों। सर्विस बुक में लिखा है कि इन्होंने 2006 में हाई स्कूल (10वीं) पास की है। लेकिन न तो 10वीं का रोल नंबर दर्ज है और न ही 12वीं (हायर सेकेंडरी) का कोई अता-पता है। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि सर्विस बुक के साथ इनकी कोई भी मार्कशीट या सर्टिफिकेट अटैच ही नहीं किया गया है। आखिर बिना रोल नंबर के विभाग के बाबुओं और अफसरों ने इन्हें पास कैसेजी मान लिया?

Read More कांग्रेस नेता पर हमले का मुख्य आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, भोपाल में छिपा था दीपक तिवारी, पहले चार आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

 

डिग्री का अता-पता नहीं, सिस्टम ने आंखों पर बांधी पट्टी

 

गड़बड़झाला सिर्फ स्कूली पढ़ाई तक सीमित नहीं है। एक इंजीनियर के लिए उसकी डिग्री सबसे अहम होती है, लेकिन वेदप्रकाश जी की डिग्री का पूरा विवरण ही अधूरा है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन के 1979 से लेकर 1990 तक के सख्त नियम कहते हैं कि बिना पुख्ता दस्तावेजों के किसी की जॉइनिंग नहीं कराई जा सकती। लेकिन साल 2009 में जब इनकी जॉइनिंग हुई, तो सारे कायदे-कानून रद्दी की टोकरी में डाल दिए गए। सिस्टम ने आंखों पर पट्टी बांधकर इनकी जॉइनिंग करा दी।

 

अब मार्कशीट दी तो हो 'खुफिया' जांच

 

मामला खुलने के बाद शिकायतकर्ता ने शासन से सीधी और सख्त मांग की है। उनका कहना है कि अगर अब खुद को बचाने के लिए साहब कोई नई मार्कशीट या डिग्री लाकर जमा भी करते हैं, तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा न किया जाए। उसकी जांच संबंधित शिक्षा बोर्ड से पूरी तरह गोपनीय (सीक्रेट) तरीके से कराई जानी चाहिए। क्योंकि जो सिस्टम इतने साल बिना कागजात के किसी को इंजीनियर बनाए रख सकता है, वहां फर्जी मार्कशीट का जुगाड़ होना कोई बड़ी बात नहीं है।

अब जल संसाधन विभाग के आला अफसरों पर सवालिया निशान है कि आखिर इस 'बिना रोल नंबर वाले' इंजीनियर पर वे इतने मेहरबान क्यों हैं? क्या प्रशासन इनकी डिग्रियों की असलियत सामने लाएगा या यह 'मुन्नाभाई' वाला खेल यूंही चलता रहेगा?

Tags:

Latest News

फर्जी दस्तावेजों से CISF में नौकरी! दंतेवाड़ा के प्रमाण पत्रों का राजस्थान में खुला राज, रायबरेली का आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेजों से CISF में नौकरी! दंतेवाड़ा के प्रमाण पत्रों का राजस्थान में खुला राज, रायबरेली का आरोपी गिरफ्तार
Supreme Court का बड़ा फैसला: अवैध गिरफ्तारी के बाद पुलिस सीधे नहीं कर सकेगी दोबारा अरेस्ट, मजिस्ट्रेट की मंजूरी अनिवार्य
मंत्रालय का रौब, सरकारी मकान का सपना और 9 लाख की ठगी! धमतरी में महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार
मायके नहीं पहुंची बहन तो खुला खौफनाक राज! सेप्टिक टैंक में मिला संतोषी का शव; लिव-इन पार्टनर पर हत्या का आरोप
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की सियासी एंट्री को लेकर अटकलें तेज, जयंत चौधरी संग तस्वीर ने बढ़ाई हलचल
NHM कर्मचारियों के मुद्दे पर J&K विधानसभा में बवाल! वेल में उतरे BJP विधायक, मार्शलों से धक्का-मुक्की; सदन स्थगित
अवैध रेत पर कार्रवाई के बीच बवाल! वन विभाग की टीम से गाली-गलौज का आरोप, जब्त 2 ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए लोग
सड़क पर दिखा हाथियों का कुनबा, शावकों संग निकला जंगल की ओर काफिला; वन अमले ने थामा ट्रैफिक
जगदलपुर में बैठने की जगह पर खूनी संघर्ष! सीने में हार्ट के पास घोंपा चाकू, इलाज के दौरान 27 वर्षीय युवक की मौत
बिल के विवाद ने पकड़ा तूल! बिलासपुर के होटल के बाहर युवती का हंगामा, बाउंसरों से विवाद का VIDEO वायरल
Smartphone Security: फोन में पड़ी ये फाइलें बन सकती हैं हैकिंग की वजह! एक क्लिक में खतरे में आ सकता है आपका निजी डेटा
कन्हर प्रोजेक्ट में 18 करोड़ का घोटाला: मुख्य अभियंता की सिफारिश के बावजूद फाइल दबाई गई