सकरी से राजस्थान के लिए निकला 166 टन कोयला हुआ गायब, डेढ़ महीने से लापता चार ट्रक, ट्रांसपोर्टर समेत पांच पर एफआईआर
बिलासपुर : जिले के सकरी से राजस्थान के नागौर के लिए रवाना हुआ 166 टन से अधिक कोयला रास्ते में ही गायब हो गया। चार ट्रकों में लोड कोयले की खेप न तो तय मंजिल तक पहुंची और न ही करीब डेढ़ महीने बाद ट्रकों का कोई पता चला। आखिर इतना भारी माल रास्ते में कहां गायब हो गया? ट्रक किस रास्ते से गए और कोयला कहां उतारा गया? अब मामला पुलिस तक पहुंच गया है। कंपनी प्रबंधन की शिकायत पर सकरी पुलिस ने ट्रांसपोर्टर दिव्यांश गुप्ता और चार ट्रक चालकों के खिलाफ अमानत में खयानत का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
19 अगस्त को रवाना हुए ट्रक, गंतव्य तक नहीं पहुंचे
सकरी क्षेत्र के जोंकी स्थित एसपीआरएन मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के लॉजिस्टिक्स मैनेजर प्रतीक मिश्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 19 अगस्त को कंपनी से चार ट्रकों में कोयला लोड कर राजस्थान स्थित जेएसडब्ल्यू सीमेंट फैक्ट्री भेजने के लिए ट्रांसपोर्टर दिव्यांश गुप्ता से सौदा हुआ था। इसके तहत प्रति ट्रक एक लाख रुपये के हिसाब से कुल चार लाख रुपये का भुगतान जीएसआर लॉजिस्टिक्स के माध्यम से ट्रांसपोर्टर के खाते में किया गया। कोयला लोड होने के बाद चारों ट्रकों को उसी दिन राजस्थान के लिए रवाना कर दिया गया। लेकिन तय समय में खेप फैक्ट्री नहीं पहुंची। देखते ही देखते करीब डेढ़ महीने गुजर गए। इसके बावजूद न कोयला पहुंचा, न ट्रकों की लोकेशन स्पष्ट हुई और न ही ट्रांसपोर्टर व चालकों की ओर से कंपनी को कोई संतोषजनक जवाब मिला।
चार ट्रकों में था 166.520 टन कोयला
कंपनी की शिकायत के अनुसार, चारों ट्रकों में कुल 1,66,520 किलोग्राम यानी 166.52 टन कोयला लोड था। ट्रक यूपी 53 जेटी 6598 में 41.660 टन कोयला, जिसे चालक सुमित चला रहा था। ट्रक यूपी 53 जेटी 6514 में 41.360 टन कोयला, जिसे चालक दीपक चला रहा था। ट्रक बीआर 06 जीजी 6649 में 42.810 टन कोयला, जिसे चालक वीरु चला रहा था और ट्रक यूपी 53 एचटी 4549 में 40.690 टन कोयला, जिसे चालक सरबजीत चला रहा था। चारों ट्रकों में लोड कोयले का कुल वजन 166.520 टन था। इतनी बड़ी खेप के गायब होने के बाद कंपनी प्रबंधन ने ट्रांसपोर्टर और चालकों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस की शरण ली।
चार लाख का भुगतान, फिर भी नहीं पहुंची खेप
शिकायत के अनुसार, परिवहन के लिए प्रति ट्रक एक लाख रुपये तय किए गए थे और कुल चार लाख रुपये ट्रांसपोर्टर के खाते में भेजे गए थे। इसके बावजूद कोयला निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचा। कंपनी ने इसे गंभीर मामला मानते हुए सकरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ट्रांसपोर्टर दिव्यांश गुप्ता सहित चारों ट्रक चालकों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। मामले में अमानत में खयानत का अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है। इस मामले में सबसे अहम बात ये हैं कि 19 अगस्त को सकरी से रवाना हुए चारों ट्रक आखिर कहां गए? क्या रास्ते में ट्रकों का मार्ग बदला गया, कोयला कहीं दूसरी जगह उतारा गया या इसके पीछे कोई और वजह है? फिलहाल पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि 166.52 टन कोयले की खेप के साथ वास्तव में क्या हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
