2800 करोड़ के शराब घोटाले में सौम्या चौरसिया की बढ़ी मुश्किलें अब ईओडब्ल्यू करेगी जेल में पूछताछ कल तक रहेगी जेल में
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित 2800 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में अब पूर्व मुख्यमंत्री की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कोल घोटाले में जेल में बंद सौम्या को अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी ईओडब्ल्यू ने अपनी हिरासत में ले लिया है। विशेष कोर्ट ने ईओडब्ल्यू के आवेदन को मंजूरी देते हुए उन्हें 16 जनवरी तक की रिमांड पर भेज दिया है। अब जांच एजेंसी शराब घोटाले की कड़ियों को जोड़ने के लिए उनसे आमने-सामने बिठाकर सवाल-जवाब करेगी।
सौम्या चौरसिया को ईओडब्ल्यू द्वारा गिरफ्तार किए जाने का डर पहले से ही था। इसी वजह से उन्होंने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए गुहार लगाई थी। पिछली 8 जनवरी को हुई सुनवाई में राज्य शासन ने जवाब के लिए कुछ और वक्त मांगा था। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद उनकी जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में अर्जी लगाकर पूछताछ के लिए कस्टडी मांगी थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
सूत्रों की मानें तो ईओडब्ल्यू के पास ऐसे कई सबूत हैं जो शराब सिंडिकेट में बड़े रसूखदारों की भूमिका की ओर इशारा करते हैं। एजेंसी यह जानना चाहती है कि शराब से हुई अवैध कमाई का पैसा किन-किन रास्तों से होकर कहां तक पहुंचा। जेल की सलाखों के पीछे से निकलकर अब सौम्या को जांच अधिकारियों के तीखे सवालों का सामना करना होगा।
सत्ता की हनक और रसूख के चरम पर रहने वाली एक ताकतवर महिला अधिकारी का इस तरह सलाखों के पीछे पहुंचना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। कभी जिनके एक इशारे पर राजधानी का प्रशासन घूमता था आज वही सौम्या चौरसिया कानूनी दांव-पेंच में उलझकर रह गई हैं। लोग चटखारे लेकर चर्चा कर रहे हैं कि वक्त का पहिया घूमते ही कैसे अर्श से फर्श तक का सफर शुरू हो जाता है।
