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आधी रात को अस्पताल में छापा: डॉक्टर नदारद और भर्ती थे मरीज, प्रशासन ने श्रीकेयर हॉस्पिटल को किया सील
बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के जोंधरा में चल रहे श्रीकेयर हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने आधी रात को दबिश देकर उसे सील कर दिया है। कलेक्टर को शिकायत मिली थी कि इस डे केयर अस्पताल में रात के अंधेरे में बिना डॉक्टरों के ऑपरेशन किए जाते हैं। जब टीम रात 12 बजे वहां पहुंची तो नजारा हैरान करने वाला था। अस्पताल में तीन मरीज भर्ती थे लेकिन उनकी जान बचाने के लिए वहां एक भी क्वालीफाइड डॉक्टर या रजिस्टर्ड स्टाफ मौजूद नहीं था। कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस अवैध खेल को बंद करने के लिए टीम भेजी थी।
कलेक्टर को मिली थी रात में ऑपरेशन की शिकायत
कलेक्टर संजय अग्रवाल को मिली शिकायत में बताया गया था कि अस्पताल में रात 8 बजे के बाद संदिग्ध गतिविधियां होती हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि रात में बिना विशेषज्ञों के मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। मामला गंभीर था इसलिए टीम ने आधी रात को ही निरीक्षण का प्लान बनाया। जांच के दौरान पाया गया कि संचालक मनोज पटेल ने कागजों में जिन डॉक्टरों के नाम दिए थे उनमें से कोई भी मौके पर नहीं मिला। यहां तक कि मरीजों की देखभाल के लिए तैनात स्टाफ के पास भी कोई वैध डिग्री नहीं थी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा और मरीजों को कराया शिफ्ट
कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही। जैसे ही टीम ने अस्पताल को सील करने की तैयारी की वहां मौजूद स्टाफ ने आनाकानी शुरू कर दी। पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए अस्पताल परिसर को अपने घेरे में ले लिया। खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि अस्पताल में भर्ती तीनों मरीजों की हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस की सुरक्षा में यह पूरी शिफ्टिंग हुई।
कागजों में डॉक्टर और हकीकत में झोलाछाप का खेल
हॉस्पिटल संचालक ने नर्सिंग होम एक्ट के तहत आवेदन में डॉ जगेश कुमार वर्मा और डॉ धरम प्रकाश साहू जैसे अनुभवी डॉक्टरों की जानकारी दी थी। लेकिन निरीक्षण के समय केवल संचालक मनोज पटेल और कुछ अनपढ़ स्टाफ ही मरीजों का इलाज करते मिले। अस्पताल की हालत ऐसी थी कि वहां मरीजों को भर्ती रखना उनकी जान जोखिम में डालने जैसा था। डॉ अनिल कुमार ने बताया कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले इस संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और संचालक पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
मल्हार में भी चल रही फर्जी अस्पताल की दुकान
जोंधरा की इस कार्रवाई के बाद मल्हार क्षेत्र के लोगों ने भी दबी जुबान में शिकायतें शुरू कर दी हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि मल्हार इलाके में भी एक ऐसा ही अस्पताल है जहां फर्जी डॉक्टर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की नजर इस ओर नहीं गई है लेकिन ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि ऐसे मौत के सौदागरों पर समय रहते अंकुश लगाया जाए। अगर जल्द ही अन्य संदिग्ध अस्पतालों पर छापा नहीं पड़ा तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार करने नहीं किया जा सकता।
श्री केयर हॉस्पिटल जोधरा के बारे में बिना डॉक्टर हॉस्पिटल संचालन और रात में ऑपरेशन आदि की जानकारी मिली थी।
सूचना पर हॉस्पिटल को सील किया गया है। साथ ही आगे की कार्यवाही के लिए सीएमएचओ को भेजा गया है।
श्री अनिल कुमार
खंड चिकित्सा अधिकारी मस्तूरी
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
