सेवानिवृत्ति से पहले पूरा होगा पेंशन का हिसाब, 30 सितंबर तक निपटेंगे सभी लंबित प्रकरण
बिलासपुर : सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और दूसरे स्वत्वों(अधिकारों) के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। स्कूल शिक्षा विभाग ने लंबित पेंशन प्रकरणों को तेजी से निपटाने के साथ ही सेवानिवृत्ति से पहले ही कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और पासबुक पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में मंत्रालय से प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया है।
लंबित पेंशन प्रकरणों का होगा 30 सितंबर तक निराकरण
विभाग को अलग-अलग स्तरों पर पेंशन प्रकरण लंबे समय तक लंबित रहने की शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लंबित मामलों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें और 30 सितंबर 2026 तक सभी लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें।
नहीं करना होगा रिटायरमेंट का इंतजार, पहले से तैयार होंगे दस्तावेज
विभाग ने मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका तथा पासबुक पहले से पूर्ण करने को कहा है। सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण की जांच और सत्यापन कोष एवं लेखा से कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद यह है कि कर्मचारी के रिटायर होते ही पेंशन और अन्य देयकों की प्रक्रिया कोई बाधा ना आये।
विकासखंड स्तर पर हर वर्ष अप्रैल में लगेगा विशेष कैंप
सेवा पुस्तिका और पासबुक को समय पर पूरा कराने के लिए प्रत्येक सत्र में 1 से 30 अप्रैल तक विकासखंड स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में संबंधित कर्मचारियों के दस्तावेजों की कमियों को दूर कर उन्हें समय पर पूरा कराने की व्यवस्था की जाएगी।
न्यायालय में अटके मामलों में कोर्ट सेल से मदद
न्यायालयीन प्रकरणों के कारण लंबे समय से अटके पेंशन मामलों को भी विभाग ने अलग से चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे मामलों के निराकरण के लिए कोर्ट सेल बिलासपुर की सहायता लेने कहा गया है, ताकि केवल न्यायालयीन प्रक्रिया का हवाला देकर पेंशन प्रकरण वर्षो तक लंबित न रहें।
जिस महीने रिटायरमेंट, उसी महीने जारी होगी पीपीओ
विभाग ने अक्टूबर 2026 से सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है। संबंधित कर्मचारी का पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) सेवानिवृत्ति वाले महीने में ही जारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पेंशन के अलावा अन्य देय अधिकारों का भुगतान भी उसी महीने करने पर जोर दिया गया है।
विभाग का मानना है कि सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया पहले से पूरी करने और पेंशन प्रकरणों की नियमित समीक्षा से कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अपने हक के भुगतान के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
