बिलासपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवा एक उड़ान के बाद बंद, यात्रियों की बुकिंग रद्द; संघर्ष समिति ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से कोलकाता के बीच शुरू हुई सीधी हवाई सेवा एक ही उड़ान के बाद बंद होने से यात्रियों और हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति में नाराजगी है। विंटर शेड्यूल में शामिल इस उड़ान के अचानक बंद होने से बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। समिति ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर इस उड़ान को बंद किया गया है। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
समिति ने बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान को तत्काल बहाल करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही हवाई सेवा दोबारा शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पहली उड़ान में 36 यात्रियों ने किया सफर
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर से कोलकाता के बीच सीधी हवाई सेवा की शुरुआत रविवार को हुई थी। पहली उड़ान में 36 यात्रियों ने बिलासपुर से कोलकाता तक सफर किया। इस सेवा के शुरू होने से क्षेत्र के यात्रियों को सीधा हवाई संपर्क मिलने की उम्मीद जगी थी। माना जा रहा था कि इससे बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को कोलकाता आने-जाने में सुविधा मिलेगी और यात्रा का समय भी बचेगा।
लेकिन पहली उड़ान के बाद ही इस सेवा के बंद होने की खबर सामने आ गई। शुक्रवार को प्रस्तावित अगली उड़ान के लिए 42 यात्रियों ने टिकट बुक कराए थे। उड़ान रद्द होने के कारण इन यात्रियों की बुकिंग भी निरस्त कर दी गई और टिकट की राशि वापस लौटा दी गई।
सीधी हवाई सेवा शुरू होने के कुछ ही समय बाद बंद होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं, इस फैसले को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने भी सवाल खड़े किए हैं।
‘उल्टा मार्च’ के दो दिन बाद उड़ान बंद होने पर सवाल
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने उड़ान बंद होने के समय पर विशेष रूप से आपत्ति जताई है। समिति का कहना है कि बिलासपुर में हवाई सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर नागरिकों ने ‘उल्टा मार्च’ निकाला था। इस प्रदर्शन के महज दो दिन बाद ही बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान बंद हो गई।
समिति ने इस घटनाक्रम को बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी के प्रति कथित उपेक्षा से जोड़ते हुए नाराजगी जाहिर की है। समिति का मानना है कि बिलासपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर को बेहतर हवाई सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि यहां के नागरिकों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को दूसरे शहरों तक पहुंचने में सहूलियत हो।
हालांकि, उड़ान बंद किए जाने के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में सरकार या संबंधित विमानन प्राधिकरण की ओर से स्पष्टीकरण आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
अरुण साव, अमर अग्रवाल और धरमलाल कौशिक से हस्तक्षेप की मांग
सीधी हवाई सेवा बंद होने के मामले में हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वरिष्ठ विधायक अमर अग्रवाल और धरमलाल कौशिक से हस्तक्षेप करने की अपील की है। समिति ने जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वे संबंधित अधिकारियों और विमानन कंपनी के समक्ष इस मुद्दे को उठाएं तथा बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान को जल्द बहाल कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
समिति का कहना है कि बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर हवाई सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। सीधी उड़ान बंद होने से यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे उनकी यात्रा में अतिरिक्त समय और असुविधा बढ़ सकती है।
उड़ान बहाल नहीं हुई तो तेज होगा आंदोलन
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि बिलासपुर की हवाई कनेक्टिविटी का मुद्दा लगातार उठाया जाता रहेगा। समिति चाहती है कि बिलासपुर से कोलकाता के बीच सीधी उड़ान को जल्द शुरू किया जाए, ताकि यात्रियों को नियमित और सुविधाजनक हवाई सेवा मिल सके।
अब इस मामले में प्रदेश सरकार, संबंधित विमानन कंपनी और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि विंटर शेड्यूल में शामिल बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान आखिर एक ही फेरे के बाद क्यों बंद हो गई और इसे दोबारा शुरू करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल, यात्रियों को सीधी हवाई सेवा की बहाली का इंतजार है, जबकि हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
