77 लाख का धान घोटाला! महीनों तक सिस्टम को चकमा, अब केंद्र प्रभारी समेत 3 पर FIR
कबीरधाम: कबीरधाम जिले के बम्हनी धान खरीदी केंद्र में सामने आए करीब 77 लाख रुपये के कथित धान घोटाले ने सरकारी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि महीनों तक रिकॉर्ड में धान का निर्गमन दिखाया जाता रहा है, लेकिन वास्तविक स्थिति संदिग्ध बनी रही। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी अनियमितता लंबे समय तक सिस्टम की नजरों से ओझल रही, जिससे जवाबदेही और नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासनिक जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि राइस मिलों के लिए लगातार डिलीवरी ऑर्डर जारी होते रहे, जबकि दस्तावेजों के सत्यापन और निगरानी की प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं। जांच में यह भी पाया गया कि महत्वपूर्ण रिपोर्टों पर संबंधित अधिकारियों के आवश्यक हस्ताक्षर तक मौजूद नहीं थे, फिर भी ऑनलाइन रिकॉर्ड में धान जारी होने की प्रविष्टियां दर्ज होती रहीं।
मामले के खुलासे के बाद केंद्र प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर चुकी है। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि अनियमितताएं कई महीनों से जारी थीं, तो संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। इससे पूरे खरीद तंत्र की पारदर्शिता पर संदेह गहरा गया है।
फिलहाल, पुलिस और प्रशासन मामले की तह तक पहुंचने का दावा कर रहे हैं, लेकिन यह प्रकरण केवल एक वित्तीय गड़बड़ी तक सीमित नहीं दिखता है। यह उन कमजोरियों को भी उजागर करता है, जिनकी वजह से सरकारी योजनाओं और खरीद व्यवस्थाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताओं की आशंका बनी रहती है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच केवल एफआईआर तक सीमित रहती है या वास्तव में पूरे नेटवर्क की जवाबदेही तय की जाती है।
