Bharatmala Scam: ED का बड़ा एक्शन, 12.78 करोड़ की संपत्ति अटैच; अब तक 36 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
रायपुर। भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12.78 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। जब्त की गई संपत्तियों में 4.69 करोड़ रुपये के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के साथ मामले में अब तक 36.14 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। ईडी ने इस मामले में जय प्रकाश गांधी समेत 14 आरोपियों के खिलाफ विशेष PMLA कोर्ट में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (Supplementary Prosecution Complaint) भी दाखिल की है।
EOW-ACB की FIR के आधार पर शुरू हुई ED की जांच
ईडी ने अपनी जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह मामला अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ निर्भय साहू सहित अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले से जुड़ा है। जांच के बाद संबंधित प्रकरण में विशेष न्यायालय में चार्जशीट भी प्रस्तुत की गई थी।
36 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पर ED का शिकंजा
ईडी ने बताया कि इससे पहले 29 दिसंबर 2025 और 27 अप्रैल 2026 को भी कई स्थानों पर छापेमारी की गई थी। इन कार्रवाइयों के दौरान एजेंसी ने 49 लाख रुपये नकद, करीब 37.133 किलोग्राम चांदी (अनुमानित मूल्य 89.80 लाख रुपये), 23.35 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त और अटैच की थीं। ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में अटैच की गई कुल संपत्ति का मूल्य 36.14 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
ज्यादा मुआवजा पाने के लिए कथित फर्जीवाड़ा
ईडी की जांच के अनुसार, भारतमाला परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद कुछ जमीन मालिकों, कथित बिचौलियों और राजस्व अधिकारियों ने मिलकर अधिक मुआवजा प्राप्त करने की साजिश रची।
जांच एजेंसी का आरोप है कि
- जमीनों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित किया गया।
- परिवार के सदस्यों के नाम पर सेल डीड और गिफ्ट डीड के जरिए हस्तांतरण किए गए।
- कथित रूप से नियमों का दुरुपयोग कर अधिक मुआवजा प्राप्त किया गया।
56 लाख की जमीन पर 9.83 करोड़ का मुआवजा मिलने का आरोप
ईडी के मुताबिक, जांच में सामने आया कि जय प्रकाश गांधी और उनके परिवार को लगभग 56.76 लाख रुपये मूल्य की जमीन के बदले 9.83 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला। जांच एजेंसी का दावा है कि बाद में इस धन को कई चरणों में अलग-अलग माध्यमों से निवेश किया गया। इसमें अचल संपत्तियां, शेयर, म्यूचुअल फंड, अन्य वित्तीय साधन शामिल बताए गए हैं।
अन्य लाभार्थियों की भी जांच जारी
ईडी का कहना है कि जांच के दौरान कुछ अन्य मामलों में भी कथित अनियमितताएं सामने आई हैं। एजेंसी के अनुसार, गांव नायकबंधा और उगेतारा से जुड़े कुछ मुआवजा मामलों की भी जांच की जा रही है। इनमें कथित फर्जी दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा प्राप्त करने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
