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मूणत की जिद पर मंत्री साव की गुगली: जिस चौपाटी को दबंगई से तुड़वाया उसे विधानसभा में मिला वैध होने का सर्टिफिकेट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्मार्ट सिटी की चौपाटी को लेकर चली सियासी बहस ने भाजपा के भीतर की खींचतान को सड़क पर ला दिया है। रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने जिस चौपाटी को अवैध बताकर अपनी साख दांव पर लगा दी थी और भारी विरोध के बीच उसे बुलडोजर से तुड़वाया था उसे उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने सदन में पूरी तरह वैध करार दिया है। मूणत ने विधानसभा में सवाल पूछकर चौपाटी टूटने का ठीकरा स्मार्ट सिटी के अफसरों पर फोड़ने की कोशिश की थी लेकिन हाईकोर्ट के वकील रहे अरुण साव ने अपने सधे हुए जवाब से विधायक जी की पूरी प्लानिंग पर पानी फेर दिया।
ठीकरा फोड़ने चले थे पर खुद ही फंस गए मूणत
राजेश मूणत की आंखों में रविशंकर यूनिवर्सिटी के सामने वाली यह चौपाटी लंबे समय से चुभ रही थी। उन्होंने इसे मुद्दा बनाया और नगर निगम पर दबाव बनाकर इसे हटवा कर ही दम लिया। इस कार्रवाई से दर्जनों दुकानदार बेरोजगार हो गए और जनता की खूब गालियां भी सुनने को मिलीं। विधानसभा में अपनी छवि बचाने के लिए मूणत ने पैंतरा बदला और सवाल किया कि जब चौपाटी टूटने से 6 करोड़ का नुकसान हुआ है तो इसकी भरपाई स्मार्ट सिटी के अधिकारियों से क्यों न की जाए।
डिप्टी सीएम साव ने एक तीर से साधे कई निशाने
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बड़ी चतुराई से जवाब देते हुए कहा कि चौपाटी अवैध नहीं थी और इसकी शिफ्टिंग एक आपसी समझौते के तहत की गई है। साव ने अपने जवाब से न केवल स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को बचाया बल्कि अपनी ही पार्टी के महापौर और सरकार की साख पर भी आंच नहीं आने दी। हालांकि साव के इस जवाब ने मूणत को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया है क्योंकि अब जनता पूछ रही है कि जब चौपाटी वैध थी तो उसे तुड़वाया ही क्यों गया। विधायक की मर्जी से तोड़फोड़ पर अब सरकारी ठप्पा कि वह सही थी।
चौबे जी छब्बे बनने गए थे और दुबे बनकर लौटे
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मूणत जी विधानसभा में अपनी गलती का बोझ दूसरों पर डालना चाहते थे लेकिन अरुण साव की कानूनी समझ ने उनकी चाल को फेल कर दिया। सधे हुए शब्दों में कहें तो मूणत अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे पर उल्टे खुद ही जनता के निशाने पर आ गए। अब उन बेरोजगार दुकानदारों की आह और जनता के धिक्कार का जवाब देना विधायक जी के लिए मुश्किल हो गया है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
