महानदी उफान पर... चारों ओर पानी, बीच में जिंदगी! बाढ़ में घिरा रीवा सरार गांव, 35 ग्रामीणों का टूटा संपर्क

महानदी उफान पर... चारों ओर पानी, बीच में जिंदगी! बाढ़ में घिरा रीवा सरार गांव, 35 ग्रामीणों का टूटा संपर्क

बलौदा बाजार। लगातार हो रही बारिश के बीच महानदी का बढ़ता जलस्तर अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है। कसडोल विकासखंड का रीवा सरार गांव एक बार फिर बाढ़ की चपेट में आ गया है। गांव के चारों ओर पानी भर जाने से पूरा इलाका टापू में तब्दील हो गया है और यहां रहने वाले करीब 35 ग्रामीणों का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कें डूब चुकी हैं, आवाजाही बंद है और जरूरत पड़ने पर अस्पताल, बाजार या प्रशासन तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।

चारों तरफ पानी... गांव तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं
महानदी में जलस्तर बढ़ने के बाद गांव को जोड़ने वाले सभी संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। नतीजतन रीवा सरार के लोग गांव में ही फंसकर रह गए हैं। स्थिति ऐसी है कि गांव तक वाहन नहीं पहुंच सकते। दैनिक जरूरतों का सामान लाना मुश्किल हो गया है। मरीजों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बच्चों और महिलाओं के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है।

हर मानसून में दोहराती है यही तस्वीर
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में महानदी का जलस्तर बढ़ते ही गांव चारों ओर से पानी में घिर जाता है। उनका आरोप है कि वर्षों से समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

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खेत डूबे, फसलों पर संकट
बाढ़ का असर सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है। आसपास के खेतों में पानी भरने से किसानों की खड़ी फसल भी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी लंबे समय तक भरा रहा, तो कृषि को भारी नुकसान हो सकता है और कई परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।

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ग्रामीणों का आरोप— बिना सूचना छोड़ा जाता है पानी
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब भी बांध से पानी छोड़ा जाता है, तो समय रहते प्रभावी सूचना नहीं मिल। ग्रामीणों की मांग है कि बांध से पानी छोड़ने से पहले अलर्ट जारी किया जाए। गांवों तक समय पर सूचना पहुंचाने की व्यवस्था हो। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलग चेतावनी तंत्र विकसित किया जाए।

प्रशासन से क्या चाहते हैं ग्रामीण?
रीवा सरार के लोगों ने प्रशासन से तत्काल और दीर्घकालिक दोनों तरह की मांगें रखी हैं

  • बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जाए।
  • जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीम और बचाव दल भेजे जाएं।
  • गांव तक सुरक्षित आवागमन के लिए स्थायी पुल या ऊंचे मार्ग का निर्माण किया जाए।
  • हर मानसून में आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की राहत और बचाव कार्रवाई पर टिकी हैं।

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