भूविस्थापितों की हाई कोर्ट में अवमानना याचिका, वेदांता चेयरमैन सहित दो आईएएस अफसरों को बनाया पक्षकार

भूविस्थापितों की हाई कोर्ट में अवमानना याचिका, वेदांता चेयरमैन सहित दो आईएएस अफसरों को बनाया पक्षकार

बिलासपुर : 13 वर्षों से 37 परिवार अपने अधिकारों से वंचित हैं l हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति के तहत पात्र भू-विस्थापितों को भत्ता या अन्य लाभ उपलब्ध नहीं कराया गया l जिसके बाद सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट से जुड़े भू-विस्थापितों ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, दो आईएएस अफसर सहति चार लोगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है l

सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट से जुड़े भू-विस्थापितों ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, दो आईएएस अफसर सहति चार लोगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने  आरोप में कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति के तहत पात्र भू-विस्थापितों को भत्ता या अन्य लाभ उपलब्ध नहीं कराए गए।

मामला सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट से जुड़ा है, जिसे पहले एथेना पावर प्लांट के नाम से जाना जाता था। प्लांट की स्थापना के लिए वर्ष 2008 में आसपास के गांवों की तकरीबन 1,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इस प्रक्रिया में 800 से अधिक परिवारों ने अपनी जमीन दी थी।

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भू-विस्थापितों का कहना है कि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति-2007 के तहत प्रभावित परिवारों को नौकरी अथवा नियमानुसार भत्ता दिया जाना था, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिला। 2013 में प्लांट शुरू हुआ और तीन साल के भीतर वर्ष 2016 में बंद हो गया। याचिका के अनुसार, एथेना पावर प्लांट का संचालन वर्ष 2013 में शुरू हुआ था, लेकिन वित्तीय संकट के चलते वर्ष 2016 में इसे बंद करना पड़ा। बाद में वर्ष 2022 में वेदांता ग्रुप ने इस प्लांट का अधिग्रहण किया और वर्ष 2025 में इसका संचालन दोबारा शुरू किया।

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भू-विस्थापितों का आरोप है कि प्लांट दोबारा शुरू होने के बाद भी 400 से अधिक परिवारों को न तो रोजगार दिया गया और न ही नियमानुसार भत्ता उपलब्ध कराया गया। उनका कहना है कि वे बीते 13 वर्षों से अपने अधिकारों से वंचित हैं। भू-विस्थापित परिवारों के अनुसार, वर्ष 2021 में 37 परिवारों की ओर से छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। तकरीबन दो वर्ष बाद हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन और राज्य शासन को मामले के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति ने प्लांट प्रबंधन को पत्र जारी कर पात्र भू-विस्थापितों को नियमानुसार भत्ता देने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया। भू-विस्थापितों का कहना है कि तकरीबन दो महीने पहले सक्ती कलेक्टर ने प्लांट प्रबंधन को हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए पात्र परिवारों को भत्ता देने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के बाद प्रभावित परिवारों ने न्यायालयीन आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की है। याचिका में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के अलावा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव शम्मी आबिदी, सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो तथा डभरा एसडीएम को भी पक्षकार बनाया गया है। 

 

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